लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां

बीटीसी एवं सुपरटेट की परीक्षा में शामिल शिक्षण कौशल के विषय आरंभिक स्तर पर भाषा का पठन लेख एवं गणितीय क्षमता का विकास में सम्मिलित चैप्टर लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां आज हमारी वेबसाइट hindiamrit.com का टॉपिक हैं।

लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां

लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां
लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां


लेखन शिक्षण की विधियॉं / लेखन सीखने की विधियां

(1) रूपरेखा अनुकरण विधि

इस विधि के अन्तर्गत शिक्षक कॉपी या स्लेट में पेन्सिल या चाक से बिंदु बिंदु करके शब्द या वाक्य लिख देता है, छात्रों से उन निशानों पर पेन्सिल या चाक फेरने को कहता है।

(2) स्वतंत्र अनुकरण विधि

इस विधि के अन्तर्गत अध्यापक कापी या स्लेट पर अक्षरों को लिख देता है तथा छात्रों को उन अक्षरों को देखकर उनके नीचे स्वयं उसी प्रकार के अक्षरों को बनाने के लिए कहता है। इससे धीरे धीरे लिखना सीख जाता है।

(3) माण्टेशरी विधि

इस विधि के अन्तर्गत लिखना सिखाने में आँख, कान और हाथ तीनों के प्रयोग पर बल दिया जाता है। इसमें बालक को पहले लकड़ी अथवा गत्ते के बने अक्षरों पर उँगली फेरने को कहा जाता है। फिर उनसे उन अक्षरों पर रंगीन पेन्सिल घुमाने के लिए कहा जाता है।

(4) पेस्टालाजी विधि

इसमें सबसे पहले वर्णों के छोटे-2 खण्ड कर लिए जाते हैं फिर इन टुकड़ों का योग करके अभ्यास कराया जाता है। इससे छात्र अक्षर पहचानकर लिखना सीख जाता है। इस विधि का प्रयोग कठिन अक्षरों को लिखना सिखाने में किया जाता है।

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