दोस्तों विज्ञान के प्रमुख अंतरों में से एक है अल्फा बीटा गामा किरणों में अंतर तो चलिए आज हमारी वेबसाइट hindiamrit.com का टॉपिक इसी को रखते है। साथ ही साथ हम आपको आज रेडियोएक्टिव किरणें क्या है,रेडियोएक्टिव किरणों के प्रकार,अल्फा कण उत्सर्जन तथा बीटा कण उत्सर्जन के बारे मे भी बताएंगे।
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α, β , γ अल्फा बीटा गामा किरणों में अंतर

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रेडियोएक्टिव किरणें क्या है
Radioactive (रेडियोएक्टिव) पदार्थ से निकलने वाली किरणें रेडियोएक्टिव किरणें कहलाती है। यह तीन प्रकार की है-
(1) अल्फा किरणें (2) बीटा किरणें (3) गामा किरणें
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मूल मात्रक और व्युत्पन्न मात्रक में अंतर
α, β , γ अल्फा बीटा गामा किरणों की खोज किसने की
1902 में वैज्ञानिक रदरफोर्ड ने रेडियोएक्टिव पदार्थ से निकलने वाली किरणों का अध्ययन किया। शीशे के एक बर्तन में रेडियम का एक टुकड़ा रखा।इस टुकड़े से निकलने वाली किरणों का निरीक्षण किया। जिसमे पाया कि अगर इन किरणों को चुम्बकीय क्षेत्र या वैद्युत क्षेत्र से गुजारा जाए तो किरणों में विक्षेपण होता है। किरणें ऋणावेशित प्लेट की ओर विक्षेपित हो गयी अर्थात इनमें धनात्मक आवेश था इन किरणों को अल्फा किरण कहा गया। तथा कुछ किरणें धनावेशित प्लेट की ओर विक्षेपित हो गयी अर्थात इनमें ऋणात्मक आवेश था इन किरणों को बीटा किरण कहा गया। कुछ किरणें बिना विक्षेपित हुए सीधे निकल गयी अर्थात इनमें शून्य आवेश या उदासीन थी, इन किरणों को गामा किरण कहा गया।

अल्फा कण उत्सर्जन ( Emission of alpha particles)
यह एक धनावेशित कण है। जिसपर 2 इकाई का धनावेश तथा 4 इकाई का द्रव्यमान होता है। इसको 2He4 से प्रदर्शित करते है। एक अल्फा कण के उत्सर्जन से उस तत्व के परमाणु क्रमांक में 2 इकाई की कमी तथा परमाणु भार में 4 इकाई की कमी होती है। जैसे-
88Ra226————– 86Rn222 + 2He4
(रेडियम) (रेडॉन) (अल्फा कण)
बीटा कण उत्सर्जन ( Emission of beta particles)
ऋणावेशित कण है। इस पर एक इकाई का ऋणात्मक आवेश होता है तथा द्रव्यमान शून्य होता है। एक बीटा कण से उत्सर्जन से उस तत्व के परमाणु क्रमांक में 1 इकाई की वृद्धि होती है तथा परमाणु भार वही होता है। जैसे-
83Bi213—————-84Po213 + -1e0
(बिस्मथ) (पोलोनियम) (बीटा कण)
गामा कण उत्सर्जन (emission of gamma particles)
इस कण के उत्सर्जन से परमाणु में कोई प्रभाव नहीं पड़ता अर्थात उसका द्रव्यमान और परमाणु संख्या अपरिवर्तित रहती है। क्योंकि यह एक द्रव्यमान रहित और उदासीन कण है।
अल्फा बीटा गामा किरणों में अंतर
अंतर का आधार | अल्फा किरणें (α-Particles) | बीटा किरणें (β-Particles) | गामा किरणें (γ-Rays) |
---|---|---|---|
संरचना | हीलियम नाभिक (2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन) | इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन | ऊर्जा का विद्युत चुंबकीय विकिरण |
आवेश (Charge) | +2 | -1 (इलेक्ट्रॉन) या +1 (पॉज़िट्रॉन) | शून्य |
गति (Speed) | धीमी | अल्फा से तेज, लेकिन गामा से धीमी | प्रकाश की गति के बराबर |
प्रवेश शक्ति (Penetration Power) | कम (कागज से भी रुक सकती है) | मध्यम (एल्यूमिनियम शीट से रुक सकती है) | अत्यधिक (सीसे या मोटे कंक्रीट से रोकी जा सकती है) |
आयनन शक्ति (Ionization Power) | अत्यधिक | मध्यम | कम |
विकिरण का प्रकार | संवहनीय कणीय विकिरण | संवहनीय कणीय विकिरण | विद्युत चुंबकीय विकिरण |
दूरी तक प्रभाव | कुछ सेंटीमीटर | कुछ मीटर | कई मीटर या अधिक |
विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र पर प्रभाव | विपरीत दिशा में मुड़ती हैं (भारी और धनावेश होने के कारण) | चुंबकीय क्षेत्र में विपरीत दिशा में मुड़ती हैं | कोई प्रभाव नहीं |
मानव शरीर पर प्रभाव | त्वचा तक ही सीमित, आंतरिक होने पर हानिकारक | त्वचा में प्रवेश कर सकती है | गहरी ऊतकों में प्रवेश कर सकती है, अत्यधिक हानिकारक |
मूल स्रोत | रेडियोधर्मी तत्वों का नाभिकीय विघटन | नाभिकीय विघटन या न्यूट्रॉन के क्षय | नाभिकीय संलयन, नाभिकीय विघटन |
उदाहरण स्रोत | यूरेनियम-238, रेडियम-226 | कार्बन-14, स्ट्रोंटियम-90 | कोबाल्ट-60, सीज़ियम-137 |
रोगकारी प्रभाव | आंतरिक विकिरण होने पर कैंसर उत्पन्न कर सकता है | कोशिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है | डीएनए क्षति, कैंसर |
उपयोग | धुआँ डिटेक्टर, नाभिकीय ऊर्जा | चिकित्सीय परीक्षण (PET स्कैन) | कैंसर उपचार (रेडियोथेरेपी) |
अल्फा बीटा गामा किरणों की तुलना (टेबल 2)
क्र०सं० | गुण | अल्फा किरण | बीटा किरण | गामा किरण |
1 | प्रकृति | इनकी प्रकृति धनात्मक आवेश की होती है।इनपर 2 इकाई का धनावेश तथा 4 इकाई का द्रव्यमान होता है। | ऋणात्मक आवेश की प्रकृति होती है।इनपर 1 इकाई का ऋणावेश तथा द्रव्यमान नगण्य होता है। | ये X-किरणों के समान उदासीन किरण है। इनका आवेश तथा द्रव्यमान नगण्य है। |
2 | गतिज ऊर्जा | सबसे अधिक | अल्फा से कम | सबसे कम |
3 | वेग | प्रकाश के वेग का 1/10 | प्रकाश के वेग के लगभग बराबर (थोड़ा कम) | प्रकाश के वेग के एकदम बराबर |
4 | आयनीकरण क्षमता | ज्यादा | अल्फा से कम | एकदम कम |
5 | भेदन क्षमता | कम | अल्फा से अधिक | सर्वोच्च |
6 | फ़ोटोग्राफिक प्लेट पर प्रभाव | फ़ोटोग्राफिक प्लेट को सबसे ज्यादा काला करती है। | कम काला करती है। | Plate को सबसे कम काला करती है। |
7 | जिंक सल्फाइड प्लेट पर प्रभाव | प्लेट पर सबसे ज्यादा स्फुरदीप्ति उत्पन्न करती है। | अल्फा से कम | सबसे कम |
अल्फा, बीटा और गामा किरणों में अंतर से जुड़े 20 अति लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर
1-10: मूलभूत अंतर
- अल्फा, बीटा और गामा किरणों का मुख्य अंतर क्या है?
- अल्फा कण भारी होते हैं, बीटा कण हल्के होते हैं और गामा केवल ऊर्जा होती है।
- अल्फा कण किससे बने होते हैं?
- दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन से (हीलियम नाभिक)।
- बीटा कण किससे बने होते हैं?
- इलेक्ट्रॉन (-β) या पॉज़िट्रॉन (+β) से।
- गामा किरणें क्या होती हैं?
- उच्च-ऊर्जा विद्युत चुंबकीय विकिरण।
- अल्फा किरणों का आवेश क्या होता है?
- +2।
- बीटा किरणों का आवेश क्या होता है?
- इलेक्ट्रॉन के लिए -1 और पॉज़िट्रॉन के लिए +1।
- गामा किरणों का आवेश क्या होता है?
- शून्य।
- कौन-सी किरणें सबसे धीमी गति से चलती हैं?
- अल्फा किरणें।
- कौन-सी किरणें प्रकाश की गति से चलती हैं?
- गामा किरणें।
- बीटा किरणें किस दिशा में झुकती हैं?
- नकारात्मक चार्ज वाली बीटा (-β) किरणें धनावेशित प्लेट की ओर झुकती हैं, जबकि पॉज़िट्रॉन (+β) ऋणावेशित प्लेट की ओर।
11-20: प्रभाव और उपयोग
- सबसे अधिक आयनीकरण किसमें होता है?
- अल्फा किरणों में।
- सबसे अधिक प्रवेश क्षमता (Penetration Power) किसकी होती है?
- गामा किरणों की।
- अल्फा किरणों को रोकने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
- कागज या कुछ सेंटीमीटर हवा।
- बीटा किरणों को रोकने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
- पतली एल्यूमिनियम शीट।
- गामा किरणों को रोकने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
- मोटी सीसे (Lead) की परत या कंक्रीट।
- कौन-सी किरणें सबसे अधिक हानिकारक होती हैं?
- गामा किरणें, क्योंकि वे कोशिकाओं को गहराई तक प्रभावित कर सकती हैं।
- अल्फा किरणों का उपयोग कहां होता है?
- धूम्रसंकट (Smoke Detector) और नाभिकीय ऊर्जा में।
- बीटा किरणों का उपयोग कहां होता है?
- PET स्कैन और रेडियोआइसोटोप थेरेपी में।
- गामा किरणों का उपयोग कहां होता है?
- कैंसर उपचार (रेडियोथेरेपी) और खाद्य संरक्षा (Food Sterilization) में।
- इनमें से कौन-सी किरणें विद्युत चुंबकीय विकिरण होती हैं?
- गामा किरणें।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न – 1 – किसी परमाणु से एक अल्फा कण के उत्सर्जन से उसके परमाणु क्रमांक और परमाणु भार पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर – अल्फा कण के उत्सर्जन से परमाणु के परमाणु क्रमांक में 2 की कमी तथा परमाणु भार में 4 इकाई की कमी हो जाती है।
प्रश्न – 2 – किसी परमाणु से एक बीटा कण के उत्सर्जन से उसके परमाणु क्रमांक और परमाणु भार पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर – बीटा कण के उत्सर्जन से परमाणु के परमाणु क्रमांक में 1 इकाई की वृद्धि तथा परमाणु भार में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
प्रश्न – 3 – किसी परमाणु से एक गामा कण के उत्सर्जन से उसके परमाणु क्रमांक और परमाणु भार पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर – गामा कण के उत्सर्जन से परमाणु के परमाणु क्रमांक तथा परमाणु भार में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
प्रश्न – 4 – अल्फा बीटा गामा किरणों की खोज किसने की ?
उत्तर – रदरफोर्ड ने
प्रश्न – 5 – अल्फा बीटा गामा किरणों में कौन सी किरण में आवेश नही होता है ?
उत्तर – गामा
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