ब्रायोफाइटा और ट्रैकियोफाइटा में अंतर | the difference in bryophyta and tracheophyta

दोस्तों आज hindiamrit.com आपको ब्रायोफाइटा और ट्रैकियोफाइटा में अंतर | the difference in bryophyta and tracheophyta की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।

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Contents

ब्रायोफाइटा किसे कहते है || bryophyta

ब्रायोफाइटा की परिभाषा :

ब्रायोफाइटा पादप जगत (Plant Kingdom) का एक समूह है जिसमें अविकसित संवहनी ऊतक (Vascular Tissue) पाए जाते हैं। ये आदिम पौधे जल और स्थलीय दोनों वातावरण में पनपते हैं, इसलिए इन्हें “स्थलीय पौधों के उभयचर” (Amphibians of Plant Kingdom) कहा जाता है।

ब्रायोफाइटा के लक्षण/गुण/ विशेषताएं

(1) इनमें क्लोरोफिल उपस्थित होता है।

(2) ये नम,ठंडे एवं छायादार स्थानों पर उगते हैं।

(3) इनमें अलैंगिक तथा लैंगिक दोनो प्रकार का जनन पाया जाता है।

(4) इनमें संवहन ऊतक उपस्थित नहीं होते।

(5) इन पौधे में स्पष्ट पीढ़ी एकान्तरण(alternation of generation) होता है।

(6) इन पौधों में जड़, तना और पत्तियाँ स्पष्ट रूप से विकसित नहीं होती हैं।

(7) इनमें संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।

(8) ये पौधे बीज का निर्माण नहीं करते और स्पोर (बीजाणु) द्वारा प्रजनन करते हैं।

(9) इनका जीवनचक्र ऐल्टरनेशन ऑफ जेनरेशन (Alternation of Generation) पर आधारित होता है।

(10) ये नम स्थानों में पाए जाते हैं क्योंकि प्रजनन के लिए जल आवश्यक होता है।

ब्रायोफाइटा के उदाहरण:

  • मॉसेस (Mosses) – फ़नारिया (Funaria), पोलिट्रिकम (Polytrichum)
  • लिवरवॉर्ट्स (Liverworts) – मारचैंटिया (Marchantia), रिकोकार्पस (Riccia)
  • हॉर्नवॉर्ट्स (Hornworts) – एंथोसिरोस (Anthoceros)

ट्रैकियोफाइटा किसे कहते हैं || tracheophyta

ट्रैकियोफाइटा की परिभाषा:

ट्रैकियोफाइटा पादप जगत (Plant Kingdom) का वह समूह है जिसमें संवहनी ऊतक (Vascular Tissues – जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं। इन्हें “संवहनी पौधे” (Vascular Plants) भी कहा जाता है क्योंकि ये जल, खनिज और पोषक तत्वों के परिवहन के लिए विशेष ऊतकों से युक्त होते हैं।

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ट्रैकियोफाइटा की विशेषताएँ:

✔️ इनमें जड़, तना और पत्तियाँ स्पष्ट रूप से विकसित होती हैं।
✔️ संवहनी ऊतक (Vascular Tissue – जाइलम और फ्लोएम) जल और पोषक तत्वों का परिवहन करते हैं।
✔️ इनमें बीजाणु (Spores) या बीज (Seeds) के माध्यम से प्रजनन होता है।
✔️ अधिकतर पौधे स्थलीय होते हैं और जल पर निर्भरता कम होती है।
✔️ इनमें असली पत्तियाँ, शाखाएँ और पुष्प (कुछ समूहों में) पाए जाते हैं।
✔️ इनका जीवनचक्र स्पोरॉफाइट (Sporophyte) प्रधान होता है।


ट्रैकियोफाइटा के वर्गीकरण:

ट्रैकियोफाइटा को मुख्यतः तीन समूहों में बाँटा जाता है –

1️⃣ टेरिडोफाइटा (Pteridophytes) – बीजरहित संवहनी पौधे

  • इनमें बीज नहीं होते, बल्कि बीजाणु द्वारा प्रजनन होता है।
  • उदाहरण: फर्न (Fern), सिलेजिनेला (Selaginella), इक्विसेटम (Equisetum)

2️⃣ जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) – अनावृतबीजी पौधे

  • इनके बीज फल के अंदर नहीं होते, बल्कि खुले होते हैं।
  • उदाहरण: साइकस (Cycas), पाइनस (Pinus), स्प्रूस (Spruce)

3️⃣ एंजियोस्पर्म (Angiosperms) – आवृतबीजी पौधे

  • इनमें बीज फल के अंदर सुरक्षित रहते हैं।
  • ये सबसे विकसित पौधे होते हैं।
  • उदाहरण: आम (Mango), गुलाब (Rose), गेहूं (Wheat), चावल (Rice)

ट्रैकियोफाइटा के लक्षण

(1) ये जल तथा स्थल दोनों पर पाए जाते हैं।

(2) इनका शरीर जड़, तना तथा पत्तियों में विभक्त रहता है।

(3) इनमें जाइलम तथा फ्लोयम अर्थात संवहन ऊतक पाया जाता है।

(4) इनमें युग्मकोद्भिद छोटा होता है।

(5) इनमें पीढ़ी एकान्तरण प्रायः स्पष्ट होता है।

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ट्रैकियोफाइटा और ब्रायोफाइटा में अंतर | the difference in bryophyta and tracheophyta

क्रम संख्याब्रायोफाइटा (Bryophyta)ट्रैकियोफाइटा (Tracheophyta)
1.ये अविकसित पादप समूह हैं, जिन्हें स्थलीय पौधों के उभयचर कहा जाता है।ये पूर्ण रूप से विकसित संवहनी पौधे होते हैं।
2.इनमें संवहनी ऊतक (Vascular Tissue – जाइलम और फ्लोएम) नहीं होतेइनमें संवहनी ऊतक (Vascular Tissue – जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं
3.इनमें जड़, तना और पत्तियाँ स्पष्ट रूप से विकसित नहीं होतीं।इनमें स्पष्ट रूप से जड़, तना और पत्तियाँ विकसित होती हैं।
4.इनका शरीर थैलस (Thallus) रूप में होता है।इनका शरीर पूरी तरह विभेदित होता है।
5.ये जल पर अधिक निर्भर होते हैं, क्योंकि प्रजनन के लिए जल आवश्यक होता है।इनकी जल पर निर्भरता कम होती है, क्योंकि इनमें संवहनी ऊतक होते हैं।
6.ये बीजाणु (Spores) द्वारा प्रजनन करते हैं और इनमें बीज नहीं बनते।इनमें कुछ पौधे बीजाणु (Spores) से और कुछ बीज (Seeds) द्वारा प्रजनन करते हैं।
7.इनका जीवनचक्र में गेमेटोफाइट (Gametophyte) प्रमुख अवस्था होती है।इनका जीवनचक्र में स्पोरॉफाइट (Sporophyte) प्रमुख अवस्था होती है।
8.ये ज्यादातर नम और छायादार स्थानों में पाए जाते हैं।ये विभिन्न प्रकार के पर्यावरण में पाए जाते हैं, जैसे – जलवायुशीत, समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय।
9.इनमें यांत्रिक ऊतक (Mechanical Tissue) नहीं पाए जाते हैं, जिससे ये नाजुक होते हैं।इनमें यांत्रिक ऊतक पाए जाते हैं, जिससे ये मजबूत और कठोर होते हैं।
10.उदाहरण: मारचैंटिया (Marchantia), फ़नारिया (Funaria), रिकोकार्पस (Riccia)।उदाहरण: फर्न (Fern), पाइनस (Pinus), आम (Mango), गेहूं (Wheat)।

ब्रायोफाइटा और ट्रैकियोफाइटा में अंतर (Bryophyta vs Tracheophyta)

ब्रायोफाइटा ट्रैकियोफाइटा
इनका मुख्य पौधा युग्मकोद्भिद (gametophyte) होता है। इनका मुख्य पौधा बीजाणुद्भिद (sporophyte)होता है।
इन पौधों का शरीर जड़,तना,पत्तीओं में विभक्त नहीं होता है। अधिकतर समूह सूकायकी (thalloid) होते हैं। इनमें वास्तविक जड़े,तना तथा पत्तियां पाई जाती है।
इनमें संवहन ऊतकों का पूर्ण अभाव होता है। संवहन ऊतक पूर्णतः विकसित होते हैं।
बीजाणुद्भिद किसी न किसी रूप में युग्मकोद्भिद पर निर्भर करता है।बीजाणुद्भिद तो स्वतंत्र तथा स्वपोषी होते हैं किंतु उच्च श्रेणियों में युग्मकोद्भिद क्रमशः बीजाणुद्भिद पर निर्भर होता है।

ब्रायोफाइटा और ट्रैकियोफाइटा में अंतर से जुड़े 20 अति लघुउत्तरीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1-10:

  1. ब्रायोफाइटा क्या हैं?
    ➜ वे अविकसित पादप होते हैं जिनमें संवहनी ऊतक नहीं पाए जाते।
  2. ट्रैकियोफाइटा किसे कहते हैं?
    ➜ वे पौधे जिनमें जाइलम और फ्लोएम जैसे संवहनी ऊतक होते हैं।
  3. ब्रायोफाइटा को पादप जगत के कौन से उभयचर कहा जाता है?
    ➜ स्थलीय पौधों के उभयचर।
  4. ट्रैकियोफाइटा में कौन-कौन से ऊतक पाए जाते हैं?
    ➜ जाइलम और फ्लोएम।
  5. ब्रायोफाइटा में जल का परिवहन किस प्रकार होता है?
    ➜ साधारण विसरण (Diffusion) द्वारा।
  6. ट्रैकियोफाइटा में जल का परिवहन किसके द्वारा होता है?
    ➜ जाइलम ऊतक के द्वारा।
  7. ब्रायोफाइटा में मुख्य प्रजनन विधि क्या होती है?
    ➜ बीजाणु (Spores) द्वारा।
  8. ट्रैकियोफाइटा किस प्रकार प्रजनन करते हैं?
    ➜ बीजाणु (Spores) या बीज (Seeds) द्वारा।
  9. ब्रायोफाइटा के उदाहरण दीजिए।
    ➜ फ़नारिया (Funaria), मारचैंटिया (Marchantia), रिकोकार्पस (Riccia)।
  10. ट्रैकियोफाइटा के उदाहरण कौन-कौन से हैं?
    ➜ फर्न (Fern), पाइनस (Pinus), गेहूं (Wheat), आम (Mango)।
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प्रश्न 11-20:

  1. क्या ब्रायोफाइटा में जड़, तना और पत्तियाँ स्पष्ट रूप से विकसित होते हैं?
    ➜ नहीं।
  2. ट्रैकियोफाइटा में जड़, तना और पत्तियाँ विकसित होते हैं या नहीं?
    ➜ हाँ, पूर्ण रूप से विकसित होते हैं।
  3. ब्रायोफाइटा में जीवनचक्र की कौन सी अवस्था प्रमुख होती है?
    ➜ गेमेटोफाइट (Gametophyte)।
  4. ट्रैकियोफाइटा में जीवनचक्र की प्रमुख अवस्था कौन सी होती है?
    ➜ स्पोरॉफाइट (Sporophyte)।
  5. ब्रायोफाइटा का मुख्य निवास स्थान क्या होता है?
    ➜ नम और छायादार स्थान।
  6. ट्रैकियोफाइटा किन-किन स्थानों पर पाए जाते हैं?
    ➜ स्थलीय, जलवायुशीत, समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में।
  7. क्या ब्रायोफाइटा में संवहनी ऊतक पाए जाते हैं?
    ➜ नहीं।
  8. क्या ट्रैकियोफाइटा में संवहनी ऊतक पाए जाते हैं?
    ➜ हाँ, जाइलम और फ्लोएम होते हैं।
  9. ब्रायोफाइटा पौधे किस ऊतक के अभाव में कमजोर होते हैं?
    ➜ यांत्रिक ऊतक।
  10. ट्रैकियोफाइटा पौधों की मजबूती का कारण क्या है?
    ➜ यांत्रिक ऊतकों की उपस्थिति।

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