– दोस्तों आज हम अपनी वेबसाइट hindiamrit.com में अंतरों की श्रृंखला में आपको एक नए अंतर “एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अंतर || difference between monocotyledonae and dicotyledonae ” जो जीव विज्ञान (biology) में अति महत्वपूर्ण है,की जानकारी प्रदान करेगे।
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एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अंतर

(monocotyledonae) एकबीजपत्री || एकबीजपत्री पौधे
इन पौधों के बीजों में केवल एक बीज पत्र होता है। इनकी प्रायः अपस्थानिक जड़ें होती हैं। पत्तियों में समांतर शिराविन्यास होता है,एकबीजपत्री कहलाते है। जैसे – (1) मक्का (2) गेहूँ (3) गन्ना (4) घास (5)प्याज (6) ज्वार
एकबीजपत्री पौधों के उदाहरण
एकबीजपत्री (Monocot) पौधों के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं:
- गेहूं (Wheat) – Triticum aestivum
- धान (Rice) – Oryza sativa
- मक्का (Maize) – Zea mays
- जौ (Barley) – Hordeum vulgare
- गन्ना (Sugarcane) – Saccharum officinarum
- नारियल (Coconut) – Cocos nucifera
- केला (Banana) – Musa paradisiaca
- बाँस (Bamboo) – Bambusa spp.
- प्याज (Onion) – Allium cepa
- लहसुन (Garlic) – Allium sativum
- खजूर (Date Palm) – Phoenix dactylifera
- अदरक (Ginger) – Zingiber officinale
- हल्दी (Turmeric) – Curcuma longa
- घास (Grass) – विभिन्न प्रजातियाँ
- कमल (Lotus) – Nelumbo nucifera
एकबीजपत्री पौधों की विशेषताएँ:
- इनके बीज में एक बीजपत्र (Cotyledon) होता है।
- इनकी पत्तियों में समांतर शिराविन्यास (Parallel Venation) होती है।
- इनमें तंतुमय जड़ (Fibrous Root System) पाई जाती है।
- इनकी पुष्प संरचना में 3 या उसके गुणांक में पंखुड़ियाँ होती हैं।
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द्विबीजपत्री || द्विबीजपत्री पौधे (dicotyledonae)
इन पौधों में दो बीज पत्र होते हैं।इनकी जड़ें प्रायः मूसला होती है।
इनकी पत्तियों में शिराविन्यास जालिकावत होता है,द्विबीजपत्री कहलाते हैं। जैसे – (1) सेब,अंगूर (2) सरसों (3) आम,अमरूद (4) मटर,चना (5) सेम (6) पीपल
द्विबीजपत्री पौधों के उदाहरण
द्विबीजपत्री (Dicot) पौधों के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. खाद्य पौधे (Edible Plants)
- आम (Mango) – Mangifera indica
- सरसों (Mustard) – Brassica juncea
- मटर (Pea) – Pisum sativum
- चना (Gram) – Cicer arietinum
- अरहर (Pigeon Pea) – Cajanus cajan
- सोयाबीन (Soybean) – Glycine max
- बादाम (Almond) – Prunus dulcis
- ग्वारफली (Cluster Bean) – Cyamopsis tetragonoloba
2. औषधीय पौधे (Medicinal Plants)
- नीम (Neem) – Azadirachta indica
- तुलसी (Basil) – Ocimum sanctum
- गिलोय (Tinospora) – Tinospora cordifolia
- अर्जुन (Arjuna) – Terminalia arjuna
3. फलदार वृक्ष (Fruit-Bearing Trees)
- सेब (Apple) – Malus domestica
- अमरूद (Guava) – Psidium guajava
- नींबू (Lemon) – Citrus limon
- संतरा (Orange) – Citrus sinensis
- अनार (Pomegranate) – Punica granatum
4. फूल वाले पौधे (Flowering Plants)
- गुलाब (Rose) – Rosa indica
- सूरजमुखी (Sunflower) – Helianthus annuus
- गेंदा (Marigold) – Tagetes erecta
द्विबीजपत्री पौधों की विशेषताएँ:
- इन पौधों के बीजों में दो बीजपत्र (Cotyledons) होते हैं।
- इनकी पत्तियों में जालिका शिराविन्यास (Reticulate Venation) होती है।
- इनकी जड़ें मुख्य जड़ प्रणाली (Tap Root System) होती हैं।
- इनकी पुष्प संरचना में 4 या 5 या उनके गुणांक में पंखुड़ियाँ होती हैं।
- इनमें द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) संभव होती है।

एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अंतर || difference between monocotyledonae and dicotyledonae
क्रम संख्या | एकबीजपत्री पौधे | द्विबीजपत्री पौधे |
---|---|---|
1 | इनके बीज में केवल एक बीजपत्र (Cotyledon) होता है। | इनके बीज में दो बीजपत्र (Cotyledons) होते हैं। |
2 | इनकी पत्तियों की शिराएँ समांतर (Parallel Venation) होती हैं। | इनकी पत्तियों की शिराएँ जालिका (Reticulate Venation) रूप में होती हैं। |
3 | इनमें जड़ तंतुमय (Fibrous Root) प्रकार की होती है। | इनमें जड़ मुख्य (Tap Root) प्रकार की होती है। |
4 | इनके तने में संवहनी ऊतक बिखरे हुए होते हैं। | इनके तने में संवहनी ऊतक वृत्ताकार रूप में व्यवस्थित होते हैं। |
5 | इनके फूलों में पंखुड़ियाँ 3 या उसके गुणांक में पाई जाती हैं। | इनके फूलों में पंखुड़ियाँ 4 या 5 या उसके गुणांक में पाई जाती हैं। |
6 | इनमें द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) नहीं होती। | इनमें द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) पाई जाती है। |
7 | इनमें पत्तियाँ आमतौर पर लंबी और संकरी होती हैं। | इनमें पत्तियाँ चौड़ी और आकार में विभिन्न होती हैं। |
8 | इनमें परागकण एक ही छिद्र (Monocolpate) वाले होते हैं। | इनमें परागकण तीन छिद्र (Tricolpate) वाले होते हैं। |
9 | इनके बीजों में भोजन का भंडारण एंडोस्पर्म में होता है। | इनके बीजों में भोजन का भंडारण बीजपत्रों में होता है। |
10 | इनके उदाहरण हैं – गेहूं, मक्का, धान, केला, गन्ना। | इनके उदाहरण हैं – आम, सरसों, मटर, गुलाब, सूरजमुखी। |
difference between monocotyledonae and dicotyledonae | एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अंतर (टेबल 2)
एकबीजपत्री पौधे | द्विबीजपत्री पौधे |
बीज में एक बीजपत्र होता है। | दो बीजपत्र होते है। |
इनकी पत्तियों में शिराविन्यास समान्तर होता है। | जालिकावत होता है। |
इनके पुष्प प्रायः त्रितयी होते है। | चतुष्तयी या पंचतयी होते है। |
पर्णविन्यास एकान्तर होता है। | एकान्तर,सम्मुख तथा चक्रीय होता है। |
तने में संवहन बंडल भरण ऊतक में बिखरे एवं अवर्धी होते हैं। | संवहन बंडल वलय में तथा वर्धी होते है। |
प्रायः अपस्थानिक रेशेदार या झकड़ा जड़े पायी जाती है। | मूसला जड़े पायी जाती है। |
इनके बीज भ्रूणपोषी होते है। | अभ्रूणपोषी होते है। |
गेहूँ, मक्का, प्याज, गन्ना,ज्वार आदि एकबीजपत्री पौधे है। | गुड़हल मटर सरसों सूर्यमुखी आदि द्विबीजपत्री पौधे है। |
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एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अंतर से जुड़े 20 अति लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर
- प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों के बीज में कितने बीजपत्र होते हैं?
उत्तर: एक बीजपत्र (Cotyledon)। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों के बीज में कितने बीजपत्र होते हैं?
उत्तर: दो बीजपत्र (Cotyledons)। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों में किस प्रकार की शिराविन्यास होती है?
उत्तर: समांतर शिराविन्यास (Parallel Venation)। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियों में किस प्रकार की शिराविन्यास होती है?
उत्तर: जालिका शिराविन्यास (Reticulate Venation)। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों की जड़ किस प्रकार की होती है?
उत्तर: तंतुमय जड़ (Fibrous Root)। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों की जड़ किस प्रकार की होती है?
उत्तर: मुख्य जड़ (Tap Root)। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों में संवहनी ऊतक कैसे व्यवस्थित होते हैं?
उत्तर: बिखरे हुए (Scattered)। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों में संवहनी ऊतक कैसे व्यवस्थित होते हैं?
उत्तर: वृत्ताकार (In a ring)। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों के फूलों में पंखुड़ियाँ कितनी होती हैं?
उत्तर: 3 या उसके गुणांक में। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों के फूलों में पंखुड़ियाँ कितनी होती हैं?
उत्तर: 4 या 5 या उसके गुणांक में। - प्रश्न: क्या एकबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि होती है?
उत्तर: नहीं, द्वितीयक वृद्धि नहीं होती। - प्रश्न: क्या द्विबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि होती है?
उत्तर: हां, द्वितीयक वृद्धि होती है। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों में परागकण किस प्रकार के होते हैं?
उत्तर: मोनोकॉल्पेट (Monocolpate – एक छिद्र वाले)। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों में परागकण किस प्रकार के होते हैं?
उत्तर: ट्राइकोलपेट (Tricolpate – तीन छिद्र वाले)। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों में बीजों का भोजन कहाँ संग्रहित होता है?
उत्तर: एंडोस्पर्म (Endosperm) में। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों में बीजों का भोजन कहाँ संग्रहित होता है?
उत्तर: बीजपत्रों (Cotyledons) में। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों की पत्तियाँ कैसी होती हैं?
उत्तर: लंबी और संकरी। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियाँ कैसी होती हैं?
उत्तर: चौड़ी और विभिन्न आकार की। - प्रश्न: एकबीजपत्री पौधों का एक उदाहरण दें।
उत्तर: गेहूं, मक्का, धान। - प्रश्न: द्विबीजपत्री पौधों का एक उदाहरण दें।
उत्तर: आम, सरसों, मटर।
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