वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार | vakya parivartan in hindi

नमस्कार साथियों आपका स्वागत है। आज हम आपको हिंदी विषय के अति महत्वपूर्ण पाठ वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार | vakya parivartan in hindi से परिचित कराएंगे। दोस्तों आप UPTET, CTET, HTET, BTC, DELED,SUPERTET, या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते होंगे। आप जानते है की परीक्षाओं में हिंदी विषय का उतना ही स्थान है जितना अन्य विषयो का है। इसीलिए हिंदी की महत्ता को देखते हुए हम आपके लिए अपनी वेबसाइट hindiamrit.com पर हिंदी के वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार | vakya parivartan in hindi पाठ का विस्तृत रूप से अध्ययन प्रदान कर रहे हैं। आप हमारी वेबसाइट पर हिंदी के समस्त पाठ का विस्तृत अधिगम प्राप्त कर सकेंगे।

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वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार | vakya parivartan in hindi

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वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार | vakya parivartan in hindi

इस टॉपिक में क्या क्या सम्मिलित किया गया है?

(1) वाक्य की परिभाषा
(2) वाक्य के प्रकार
(3) अर्थ एवं रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार
(4) वाक्य का परिवर्तन
(5) अर्थ के आधार पर वाक्य का परिवर्तन (6) सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में बदलना
(7) सरल वाक्य को मिश्रित वाक्य में बदलना
(8) उपवाक्य क्या है तथा इनके प्रकार
(9) महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी प्रश्न

हमने पिछले पोस्ट में वाक्य की परिभाषा एवं प्रकार के बारे में पढ़ा लिया था। आज हम वाक्य का परिवर्तन पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेगे।

वाक्य किसे कहते हैं || वाक्य की परिभाषा

भावों और विकारों को पूर्णतः व्यक्त करने वाले सार्थक शब्द समूहों को वाक्य कहते हैं। अथवा शब्दों का व्यवस्थित और सार्थक मेल वाक्य कहलाता है। अथवा सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ प्रकट हो उसे वाक्य कहते हैं।

वाक्य के अंग – उद्देश्य और विधेय

वाक्य मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है:

  1. उद्देश्य (Subject)
  2. विधेय (Predicate)

1. उद्देश्य (Subject)

परिभाषा:
जिसके बारे में वाक्य में कुछ कहा जाता है, उसे उद्देश्य (कर्ता) कहते हैं। यह वाक्य का मुख्य भाग होता है और प्रायः संज्ञा (नाम) या सर्वनाम (वह, वे, तुम आदि) के रूप में आता है।

विशेषताएँ:

  • यह वाक्य की मुख्य जानकारी का आधार होता है।
  • उद्देश्य प्रायः वाक्य के प्रारंभ में आता है।
  • यह सामान्यतः कर्ता कारक में होता है।

उदाहरण:

  1. राम स्कूल जाता है। (यहाँ ‘राम’ उद्देश्य है।)
  2. बच्चे पार्क में खेल रहे हैं। (यहाँ ‘बच्चे’ उद्देश्य है।)
  3. गाय घास खा रही है। (यहाँ ‘गाय’ उद्देश्य है।)

2. विधेय (Predicate)

परिभाषा:
वाक्य के उस भाग को विधेय कहते हैं, जो उद्देश्य (कर्ता) के बारे में जानकारी देता है। इसमें मुख्य रूप से क्रिया और अन्य पूरक शब्द होते हैं।

विशेषताएँ:

  • यह उद्देश्य से संबंधित विवरण प्रस्तुत करता है।
  • इसमें क्रिया, कर्म और अन्य विवरण हो सकते हैं।
  • यह वाक्य के दूसरे भाग में आता है।

उदाहरण:

  1. राम स्कूल जाता है। (यहाँ ‘स्कूल जाता है’ विधेय है।)
  2. बच्चे पार्क में खेल रहे हैं। (यहाँ ‘पार्क में खेल रहे हैं’ विधेय है।)
  3. गाय घास खा रही है। (यहाँ ‘घास खा रही है’ विधेय है।)
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उद्देश्य और विधेय को पहचानने की विधि

  • सबसे पहले वाक्य में यह देखें कि “किसके बारे में बात की जा रही है?” – यही उद्देश्य होगा।
  • अब देखें कि “उसके बारे में क्या कहा जा रहा है?” – यही विधेय होगा।

उदाहरण:

  • मोहन किताब पढ़ रहा है।
    • उद्देश्य = मोहन
    • विधेय = किताब पढ़ रहा है।
  • सूरज पूरब से निकलता है।
    • उद्देश्य = सूरज
    • विधेय = पूरब से निकलता है।

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वाक्य के प्रकार || वाक्यों का वर्गीकरण

वाक्यों के विभाजन,वाक्यों के वर्गीकरण के कुल 2 आधार हैं,जो निम्नलिखित हैं।

(1) रचना के आधार पर वाक्यों के प्रकार

(i) सरल वाक्य (ii) संयुक्त वाक्य (iii) मिश्रित वाक्य

(2) अर्थ के आधार पर वाक्यों के प्रकार

(i) विधान वाचक वाक्य (ii) निषेध वाचक वाक्य
(iii) आज्ञा वाचक वाक्य (iv) प्रश्न वाचक वाक्य
(v) इच्छा वाचक वाक्य (vi) संदेह वाचक वाक्य
(vii) विस्मय वाचक वाक्य (viii) संकेत वाचक वाक्य

वाक्य परिवर्तन के नियम || वाक्यों का परिवर्तन कैसे करे

(1) अर्थ के आधार पर वाक्य परिवर्तन

दोस्तों अर्थ के आधार पर वाक्य 8 प्रकार के होते हैं। किसी वाक्य को इन वाक्यों में परिवर्तन कैसे किया जाए,वाक्य परिवर्तन के नियम क्या हैं, आइये समझते हैं,एक उदाहरण की सहायता से। वाक्य – हमारी टीम ने मैच जीत लिया है। जो की विधानवाचक वाक्य है अब इसे कैसे अन्य वाक्यों में बदला जाए आइये समझते हैं।

अर्थ के आधार पर वाक्य का परिवर्तन

विधानवाचक वाक्य – हमारी टीम ने मैच जीत लिया है।

निषेधवाचक वाक्य – हमारी टीम ने मैच नहीं जीता है।

प्रश्नवाचक वाक्य – क्या हमारी टीम ने मैच जीता है?

संकेतवाचक वाक्य – यदि कैप्टन चाहता तो हमारी टीम मैच जीत जाती ।

सन्देहवाचक वाक्य – शायद हमारी टीम जीत जाए।

इच्छावाचक वाक्य – ईश्वर करे, हमारी टीम जीत जाए।

आज्ञावाचक वाक्य – हमारी टीम, जीतो।

विस्मयादिवाचक वाक्य –अरे! हमारी टीम जीत गई।

(2) रचना के आधार पर वाक्य का परिवर्तन

सरल से संयुक्त वाक्य में परिवर्तन || सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में बदलना

सरल वाक्यसंयुक्त वाक्य
बालक रो रो कर चुप हो गया। बालक रोता रहा और चुप हो गया
मुझसे मिलने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। मुझसे मिल लेना परंतु प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।
कठोर होकर भी सहृदय बनो। कठोर बनो परंतु सहृदय रहो।
सूर्योदय होने पर पक्षी बोलने लगे। सूर्योदय हुआ और पक्षी बोलने लगे।
वह खरीदने के लिए बाजार गया। उसे फल खरीदने थे इसलिए वह बाजार गया।
रात को आकाश में तारों का मेला लग गया। रात हुई और आकाश में तारों का मेला लग गया।

संयुक्त से सरल वाक्य में परिवर्तन || संयुक्त वाक्य को सरल वाक्य में बदलना

संयुक्त वाक्यसरल वाक्य
तुम बाहर गए और वह सो गया। तुम्हारे बाहर जाते ही वह सो गया।
उसने झूठ बोला, इसलिए दंड पाया। झूठ बोलने पर उसने दंड पाया।
मां ने मारा, तो बालक रूठ गया। मां के मारने पर बालक रूठ गया।
शशि गा रही है और नाच रही है। शशि गा और नाच रही है।
मजदूर परिश्रम करता है लेकिन उसका लाभ उसे नहीं मिलता। मजदूर तो अपने मेहनत का लाभ नहीं मिलता।
वह बाजार गया और केले लाया। वह बाजार जाकर केले लाया।

सरल से मिश्र वाक्य में परिवर्तन || सरल वाक्य को मिश्रित वाक्य में बदलना

सरल वाक्यमिश्र वाक्य
स्वावलंबी व्यक्ति सदा सुखी रहते हैं। जो व्यक्ति स्वावलंबी होते हैं , वे सदा सुखी रहते हैं।
धनी व्यक्ति हर चीज खरीद सकता है। जो व्यक्ति धनी है , वह हर चीज खरीद सकता है।
वह जूते खरीदने के लिए बाजार गया। क्योंकि उसे जूते खरीदने थे , इसलिए बाजार गया।
दंड क्षमा कराने के लिए प्रार्थना पत्र लिखो। एक ऐसा पत्र लिखो , जिसमे दंड जमा कराने के लिए प्रार्थना हो।
तुम गाड़ी रुकने के स्थान पर चले जाओ। तुम वहां चले जाओ , जहां गाड़ी रूकती है।
परिश्रमी व्यक्ति अवश्य सफल होता है। जो व्यक्ति परिश्रमी होता है , वह अवश्य सफल होता है।

संयुक्त से मिश्र वाक्य में परिवर्तन || संयुक्त वाक्य को मिश्रित वाक्य में बदलना

संयुक्त वाक्यमिश्र वाक्य
नीरजा ने कहानी सुनाई और नमिता रो पड़ी। नीरजा ने ऐसी कहानी सुनाई कि नमिता रो पड़ी।
तुम महान हो क्योंकि सच बोलते हो।तुम इसलिए महान हो क्योंकि सच बोलते हो।
आपने कठिन परिश्रम किया और उत्तीर्ण हो गए।आप इसलिए उत्तीर्ण हो गए क्योंकि क्योंकि आपने कठिन परिश्रम किया।
मेरे पाठ्यक्रम में गोदान उपन्यास है जिसके लेखक मुंशी प्रेमचंद है। मेरे पाठ्यक्रम में गोदान नामक वह उपन्यास है जिसे मुंशी प्रेमचंद ने लिखा है।

मिश्र से सरल वाक्य में परिवर्तन || मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में बदलना

मिश्र वाक्यसरल वाक्य
रोगी ने ज्योंही दवाई पी , उसे उल्टी हो गयी। रोगी को दवाई पीते ही उल्टी हो गई।
मुझे बताओ कि तुम्हारे भाई का परीक्षा परिणाम कैसा रहा ? मुझे अपने भाई के परीक्षा परिणाम के विषय में बताओ।
वह मुझसे कहता है कि आओ। वह मुझे आने के लिए कहता है।
यह वही बच्चा है, जिसे बैल ने मारा था। यही बैल से आहत बच्चा है।
उसने कहा कि मैं परिश्रमी हूं। उसने स्वयं को परिश्रमी कहा।
क्योंकि वह अंधेरे में पढ़ता रहा, इसलिए अपनी आंखें गवा बैठा। अंधेरे में पढ़ते रहने के कारण वह अपनी आंखें गवा बैठा।

मिश्रित वाक्य को संयुक्त वाक्य में बदलना | मिश्र वाक्य से संयुक्त वाक्य में परिवर्तन

मिश्र वाक्यसंयुक्त वाक्य
सुषमा इसलिए स्कूल नहीं गई क्योंकि वह बीमार है। सुषमा बीमार है इसलिए स्कूल नहीं गई।
यदि आप उससे मिलना चाहते हैं तो द्वार पर प्रतीक्षा करें। आप उससे मिलना चाहते हैं इसलिए द्वार पर प्रतीक्षा करें।
मेरे पिताजी वे हैं जो पलंग पर लेटे हैं।वे मेरे पिताजी हैं और पलंग पर लेटे हैं।
जो विद्यार्थी परिश्रमी होता वह अवश्य सफल होता है। विद्यार्थी परिश्रमी होता है तो अवश्य सफल होता है।
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उपवाक्य के प्रकार || उपवाक्य कितने प्रकार के होते हैं | उपवाक्य के भेद

उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं
(1) संज्ञा उपवाक्य
(2) विशेषण उपवाक्य
(3) क्रिया विशेषण उपवाक्य

संज्ञा उपवाक्य

जो उपवाक्य प्रधान वाक्य की किसी संज्ञा या संज्ञा-पदबंध के स्थान पर प्रयुक्त हुआ हो, उसे संज्ञा उपवाक्य कहते हैं। जैसे- राम ने कहा कि हम लड़ाई नहीं चाहते । यहाँ ‘हम लड़ाई नहीं चाहते उपवाक्य ‘राम ने कहा’ उपवाक्य के कर्म के रूप में प्रयुक्त हुआ है। अतः यह संज्ञा उपवाक्य है।

संज्ञा उपवाक्य के अन्य उदाहरण-

(1) मैंने देखा कि कुछ लोग मेरी ओर बढ़े आ रहे थे।
(2) मैंने निश्चय किया कि मुझे विज्ञान-मेला देखने के लिए अवश्य जाना है।
(3) संदीप ने देखा कि एक साँप रेंगता हुआ घास में छिप गया।

संज्ञा उपवाक्य की पहचान – सामान्य रूप से संज्ञा उपवाक्य ‘कि’ से आरंभ होते हैं।

विशेषण उपवाक्य

जो आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते हैं। जैसे-

(क) यह वही आदमी है, जिसने कल चोरी की थी।
(ख) जो मेहनत करता है, उसे अवश्य सफलता मिलती है।

उपर्युक्त वाक्यों में ‘जिसने कल चोरी की थी’ और ‘जो मेहनत करता है’ ऐसे आश्रित उपवाक्य हैं, जो क्रमशः आदमी’ संज्ञा तथा ‘उसे’ सर्वनाम की विशेषताएँ बताते हैं।

विशेषण उपवाक्य के अन्य उदाहरण

(क) ऐसा कोई नहीं है जो कुश्ती में खली को जीत सके।
(ख) जो विद्यार्थी समय गँवाते हैं, वे एक दिन बहुत पछताते हैं।
(ग) जो लोग दूसरों के साथ मीठा बोलते हैं, उन्हें सब प्यार करते हैं।
(घ) जो वीर और साहसी होते हैं, वे अपने प्राणों की भी चिंता नहीं करते।

विशेषण उपवाक्य की पहचान – विशेषण उपवाक्य का प्रारंभ सर्वनाम ‘जो’ अथवा इसके किसी रूप (यथा-जिसने, जिसे, जिससे, जिनको, जिनके लिए आदि) से होता है।

क्रियाविशेषण उपवाक्य

जिसे आश्रित उपवाक्य का प्रयोग क्रियाविशेषण की भाँति किया जाता है। अर्थात् जो आश्रित उपवाक्य प्रधान उपवाक्यकी क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रियाविशेषण उपवाक्य कहते हैं। जैसे-

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(क) जब तुम स्टेशन पर पहुँचे, तब मैं घर से चला।
(ख) यदि बोलना नहीं आता, तो चुप रहना चाहिए।

उपर्युक्त वाक्यों में मुख्य उपवाक्यों की क्रियाओं (चलना और चुप रहना) की विशेषताएँ (समय और शर्त ) बता रहे हैं, अतः ये क्रियाविशेषण उपवाक्य हैं।

क्रियाविशेषण उपवाक्य के भेद

(i) कालसूचक उपवाक्य

(क) जब प्रशांत मेरे पास आया, तब लगभग पाँच बजे थे।
(ख) जब मैं घर पहुँचा तब वर्षा हो रही थी।
(ग) ज्यों ही मैं स्कूल से बाहर आया, खेल आरंभ हो गया।

पहचान- ज्यों ही, जब आदि से आरंभ होने वाले वाक्य कालवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य होते हैं।

(ii) स्थानवाचक उपवाक्य

(क) वह गोरा लड़का जहाँ खड़ा है, वहाँ बड़ी धूप है।
(ख) वहाँ इस वर्ष अकाल पड़ सकता है, जहाँ वर्षा नहीं हुई।

पहचान- जहाँ, जिधर, जिस जगह आदि क्रियाविशेषणों वाले उपवाक्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।

(iii) रीतिवाचक उपवाक्य

(क) वह ऐसे अटक-अटक कर बोल रहा है, जैसे उसके मुँह में घाव है।
(ख) आपको वैसे करना चाहिए जैसे मैं कहता हूँ।
(ग) बच्चे वैसे करते हैं जैसे उन्हें सिखाया जाता है।

पहचान – जैसा, जिस तरह, जैसे आदि क्रियाविशेषणों वाले उपवाक्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।

(iv) परिमाणवाचक उपवाक्य

(क) वह उतना ही थकेगा, जितना अधिक दौड़ेगा ।
(ख) उसने जितना परिश्रम किया, उतना ही अच्छा परिणाम मिला।
(ग) जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे धूप ।

पहचान – जितना, जितनी, जैसे-जैसे आदि क्रियाविशेषणों वाले उपवाक्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।

(v) परिणाम अथवा हेतुसूचक उपवाक्य

(क) यदि वर्षा अच्छी होती, तो उपज बढ़ जाती।
(ख) वह जरूर परिश्रम करेगा ताकि अच्छे अंक ले सके।
(ग) वह इसलिए आएगा ताकि आपसे बात कर सके ।

पहचान- यदि,यद्यपि,ताकि से आरम्भ होने वाले उपवाक्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।

वाक्य का परिवर्तन | उपवाक्य के प्रकार से जुड़े 20 FAQS

(1) वाक्य का परिवर्तन किसे कहते हैं?

उत्तर: वाक्य की संरचना या रूप बदलने की प्रक्रिया को वाक्य परिवर्तन कहते हैं।

(2) वाक्य परिवर्तन कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: वाक्य परिवर्तन मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं –
सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य में परिवर्तन
संयुक्त वाक्य से मिश्रित वाक्य में परिवर्तन
मिश्रित वाक्य से सरल वाक्य में परिवर्तन

(3) सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: सरल वाक्य को दो या अधिक उपवाक्यों में विभाजित करके संयोजन योजक शब्दों (और, तथा, लेकिन आदि) द्वारा जोड़ा जाता है।
उदाहरण:
सरल वाक्य: उसने पढ़ाई करके परीक्षा पास की।
संयुक्त वाक्य: उसने पढ़ाई की और परीक्षा पास की।

(4) संयुक्त वाक्य को मिश्रित वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: संयुक्त वाक्य के उपवाक्यों में से एक को आश्रित उपवाक्य बनाकर मिश्रित वाक्य में बदला जाता है।
उदाहरण:
संयुक्त वाक्य: मैंने उसे देखा और वह खेल रहा था।
मिश्रित वाक्य: जब मैंने उसे देखा, तब वह खेल रहा था।

(5) मिश्रित वाक्य को सरल वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: मिश्रित वाक्य के उपवाक्यों को एक ही मुख्य वाक्य में परिवर्तित कर दिया जाता है।
उदाहरण:
मिश्रित वाक्य: जब बारिश हुई, तब हम घर चले गए।
सरल वाक्य: बारिश होने पर हम घर चले गए।

(6) वाक्य परिवर्तन का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: भाषा को अधिक प्रभावी, संक्षिप्त और स्पष्ट बनाना व अर्थ की विविधता को व्यक्त करना।

(7) नकारात्मक वाक्य को सकारात्मक वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: वाक्य से निषेधात्मक शब्द (नहीं, मत, कभी नहीं आदि) हटाकर या सकारात्मक शब्द जोड़कर बदला जाता है।
उदाहरण:
नकारात्मक वाक्य: मैं स्कूल नहीं जाऊँगा।
सकारात्मक वाक्य: मैं स्कूल जाऊँगा।

(8) आज्ञार्थक वाक्य को विधिवाचक वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: आज्ञा या निर्देश को सामान्य कथन में बदलकर।
उदाहरण:
आज्ञार्थक वाक्य: दरवाजा बंद करो।
विधिवाचक वाक्य: तुम्हें दरवाजा बंद करना चाहिए।

(9) प्रश्नवाचक वाक्य को विधिवाचक वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: प्रश्न को सामान्य कथन में बदलकर।
उदाहरण:
प्रश्नवाचक वाक्य: क्या वह स्कूल गया?
विधिवाचक वाक्य: वह स्कूल गया था।

(10) विस्मयादिबोधक वाक्य को सामान्य वाक्य में कैसे बदला जाता है?

उत्तर: विस्मयादिबोधक शब्द (वाह!, अरे!, काश! आदि) हटाकर वाक्य को सामान्य रूप दिया जाता है।
उदाहरण:
विस्मयादिबोधक वाक्य: अरे! तुम यहाँ कैसे आए?
सामान्य वाक्य: मैं जानना चाहता हूँ कि तुम यहाँ कैसे आए।

(11) उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो पूर्ण स्वतंत्र न होकर मुख्य वाक्य पर आश्रित होता है, उसे उपवाक्य कहते हैं।

(12) उपवाक्य के कितने प्रकार होते हैं?

उत्तर: उपवाक्य मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं –
संधिवाचक उपवाक्य
विशेषण उपवाक्य
क्रियाविशेषण उपवाक्य

(13) संधिवाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो उपवाक्य दो मुख्य उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य करता है। उदाहरण: जब बारिश होगी, तब हम घर जाएँगे।

(14) विशेषण उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए। उदाहरण: मुझे वह किताब पसंद है जो तुमने दी थी।

(15) क्रियाविशेषण उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी क्रिया की विशेषता बताए। उदाहरण: जब बारिश होगी, तब हम घर जाएँगे।

(16) कारणवाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो कारण बताता है।
उदाहरण: क्योंकि वह बीमार था, इसलिए स्कूल नहीं गया।

(17) शर्तवाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी शर्त को व्यक्त करे।
उदाहरण: यदि तुम पढ़ाई करोगे, तो परीक्षा में अच्छे अंक लाओगे।

(18) उद्देश्यवाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी उद्देश्य को प्रकट करे।
उदाहरण: वह परीक्षा पास करने के लिए मेहनत कर रहा है।

(19) परिणामवाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी कार्य के परिणाम को व्यक्त करे। उदाहरण: वह इतना तेज दौड़ा कि सभी उसे देख रहे थे।

(20) तुलना वाचक उपवाक्य किसे कहते हैं?

उत्तर: जो किसी वस्तु, व्यक्ति या क्रिया की तुलना करे। उदाहरण: वह उतना ही बुद्धिमान है जितना कि उसका भाई।

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वाक्य की परिभाषा प्रकार उदाहरण

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