दोस्तों आज का हमारा टॉपिक वाष्पीकरण और क्वथन में अंतर है।तो चलिए हमारी वेबसाइट hindiamrit.com के माध्यम से इसको विस्तृत रूप से समझते है।
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वाष्पीकरण / वाष्पन किसे कहते है
परिभाषा:
जब कोई द्रव अपनी सतह से धीरे-धीरे गैस में परिवर्तित होता है, तो इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण (Evaporation) कहते हैं। यह प्रक्रिया किसी भी तापमान पर हो सकती है और इसके लिए द्रव के क्वथनांक तक पहुँचने की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण:
- गीले कपड़ों का सूखना
- समुद्र और झीलों से पानी का वाष्प बनकर उड़ना
- पसीने का त्वचा से वाष्पीकृत होकर शरीर को ठंडा करना
मुख्य विशेषताएँ:
✔️ यह केवल द्रव की सतह पर होता है।
✔️ यह तापमान, वायु प्रवाह, आर्द्रता और सतह क्षेत्रफल पर निर्भर करता है।
✔️ यह एक धीमी प्रक्रिया है।
वाष्पन की दर को प्रभावित करने वाले कारक
(1) द्रव की प्रकृति
(2) द्रव की सतह के क्षेत्रफल पर
(3) द्रव के ताप पर
(4) द्रव के दाब पर
क्वथन / उबलना क्या है
किसी द्रव का ताप बढ़ाने पर द्रव के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ने लगती है। तथा अणुओं के मध्य अंतर आणविक बल क्षीण होने लगता है।लगातार ताप बढ़ाते रहने पर एक निश्चित ताप पर द्रव उबालना प्रारंभ कर देता है, द्रव के उबलने किया क्रिया द्रव का क्वथन कहलाती है।
उदाहरण:
- पानी का 100°C पर उबलना
- दूध का खौलना
- द्रव नाइट्रोजन का -196°C पर गैस में बदलना
मुख्य विशेषताएँ:
✔️ यह एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर होता है।
✔️ यह पूरे द्रव में होता है, न कि केवल सतह पर।
✔️ इसमें द्रव के अंदर बुलबुले बनते हैं।
✔️ यह एक तेज़ प्रक्रिया है।
क्वथनांक क्या है |
वह निश्चित ताप जिस पर द्रव उबालना प्रारंभ कर देता है वह उस द्रव का क्वथनांक कहलाता है। क्वथनांक पर द्रव का वाष्प दाब वायुमंडलीय दाब के बराबर होता है।

वाष्पीकरण और क्वथन में अंतर (Evaporation vs Boiling)
क्रम संख्या | वाष्पीकरण (Evaporation) | क्वथन (Boiling) |
---|---|---|
1. | यह एक धीमी प्रक्रिया है। | यह एक तेज़ प्रक्रिया है। |
2. | यह किसी भी तापमान पर हो सकता है। | यह एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर होता है। |
3. | यह द्रव की केवल सतह पर होता है। | यह पूरे द्रव में होता है। |
4. | इसमें बुलबुले नहीं बनते। | इसमें द्रव के भीतर बुलबुले बनते हैं। |
5. | यह द्रव के तापमान को घटा सकता है। | यह द्रव के तापमान को नहीं घटाता। |
6. | यह वायुदाब और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। | यह मुख्य रूप से तापमान और वायुदाब पर निर्भर करता है। |
7. | यह बाहरी ऊष्मा स्रोत की आवश्यकता के बिना भी हो सकता है। | इसके लिए बाहरी ऊष्मा स्रोत की आवश्यकता होती है। |
8. | यह धीमी गति से द्रव को गैस में बदलता है। | यह जल्दी से द्रव को गैस में बदलता है। |
9. | यह कम तापमान पर भी संभव है, जैसे कि पानी का वाष्पीकरण 30°C पर भी हो सकता है। | यह केवल क्वथनांक पर होता है, जैसे कि पानी का क्वथन 100°C पर होता है। |
10. | उदाहरण: कपड़ों का सूखना, समुद्र से पानी का वाष्पीकरण। | उदाहरण: पानी का उबलना, दूध का खौलना। |
वाष्पीकरण और क्वथन में अंतर | वाष्पन और क्वथन में अंतर (टेबल 2)
क्र०सं० | वाष्पीकरण/वाष्पन (Evaporation) | क्वथन/उबलना (Boiling) |
1 | इसकी क्रिया धीरे-धीरे होती है। | तीव्र होती है। |
2 | इसमें क्रिया सामान्य ताप पर होती है। | यह क्रिया किसी द्रव के क्वथनांक पर ही होती है। |
3 | वाष्पीकरण की क्रिया द्रव के बाहरी सतह पर होती है। | यह क्रिया संपूर्ण द्रव में होती है अर्थात संपूर्ण द्रव एक साथ उबलता है। |
4 | यह वायु की आर्द्रता से प्रभावित होती है। | वायु की आर्द्रता से प्रभावित नहीं होती है। |
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1-10: वाष्पीकरण से जुड़े प्रश्न
- वाष्पीकरण क्या है?
- किसी द्रव का सतह से धीरे-धीरे गैस में बदलना वाष्पीकरण कहलाता है।
- वाष्पीकरण किस तापमान पर होता है?
- यह किसी भी तापमान पर हो सकता है।
- वाष्पीकरण की गति किन कारकों पर निर्भर करती है?
- सतह क्षेत्रफल, तापमान, वायु प्रवाह और वायुमंडलीय दाब पर।
- वाष्पीकरण के लिए ऊष्मा कहाँ से प्राप्त होती है?
- द्रव अपने आस-पास के वातावरण से ऊष्मा अवशोषित करता है।
- वाष्पीकरण के कारण जल के तापमान में क्या परिवर्तन होता है?
- जल का तापमान घटता है।
- वाष्पीकरण की दर बढ़ाने के लिए कौन से कारक जिम्मेदार होते हैं?
- तापमान बढ़ाना, सतह क्षेत्रफल बढ़ाना, वायु प्रवाह बढ़ाना।
- क्या वाष्पीकरण सभी द्रवों में समान दर से होता है?
- नहीं, अलग-अलग द्रवों की वाष्पीकरण दर अलग होती है।
- गर्मियों में पानी ठंडा रखने के लिए मिट्टी के घड़े का उपयोग क्यों किया जाता है?
- मिट्टी के घड़े की सतह से पानी का वाष्पीकरण होता है, जिससे पानी ठंडा रहता है।
- वाष्पीकरण से पसीना ठंडा क्यों महसूस होता है?
- क्योंकि पसीना त्वचा से ऊष्मा अवशोषित कर वाष्पीकृत होता है।
- क्या वाष्पीकरण केवल द्रवों में होता है?
- हां, वाष्पीकरण मुख्य रूप से द्रवों में होता है।
11-20: क्वथन से जुड़े प्रश्न
- क्वथन क्या है?
- जब किसी द्रव का तापमान उसके क्वथनांक तक पहुँच जाता है और वह तेजी से गैस में बदलने लगता है, तो उसे क्वथन कहते हैं।
- क्वथन किस तापमान पर होता है?
- यह एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर होता है।
- पानी का क्वथनांक कितना होता है?
- समुद्र तल पर 100°C।
- क्या द्रव का संपूर्ण भाग क्वथन में भाग लेता है?
- हां, क्वथन के दौरान पूरा द्रव भाग लेता है।
- क्वथन के दौरान बुलबुले क्यों बनते हैं?
- क्योंकि द्रव के भीतर से गैस बनकर बाहर निकलती है।
- वायुदाब का क्वथनांक पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- वायुदाब बढ़ने से क्वथनांक बढ़ता है और घटने से कम होता है।
- क्या अलग-अलग द्रवों का क्वथनांक समान होता है?
- नहीं, प्रत्येक द्रव का क्वथनांक अलग होता है।
- उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पानी जल्दी क्यों उबलता है?
- क्योंकि वहाँ वायुदाब कम होता है, जिससे क्वथनांक घट जाता है।
- प्रेशर कुकर में भोजन जल्दी क्यों पकता है?
- क्योंकि उसमें वायुदाब अधिक होने से पानी का क्वथनांक बढ़ जाता है और भोजन जल्दी पकता है।
- वाष्पीकरण और क्वथन में मुख्य अंतर क्या है?
- वाष्पीकरण सतह पर किसी भी तापमान पर धीरे-धीरे होता है, जबकि क्वथन पूरे द्रव में एक निश्चित तापमान पर होता है।
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