वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ एवं परिभाषा,प्रकार,आधार,विधियां,शिक्षण

वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ एवं परिभाषा,प्रकार,आधार,विधियां,शिक्षण – दोस्तों बाल मनोविज्ञान में व्यक्तिक भिन्नता सबसे प्रमुख पाठ माना जाता है। अतः आज हमारी वेबसाइट hindiamrit.com  टॉपिक यही है। जिसमें हम लोग वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषाएं, वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार, वैयक्तिक भिन्नता के कारण, वैयक्तिक भिन्नता के आधार, वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां, वैयक्तिक भिन्नता पर आधारित शिक्षण प्रक्रिया आदि सभी टॉपिकों को पढ़ेगे।

Contents

वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ एवं परिभाषा (meaning and definition of individual difference)

व्यक्तिगत भिन्नताएं,व्यक्तिगत विभिन्नताएं,व्यक्तिगत मतभेदों के प्रकार,वैयक्तिक विभिन्नता के कारण,व्यक्तिगत मतभेदों की परिभाषा,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषा,व्यक्तिगत मतभेदों का कारण बनता है,व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएं,व्यक्तिगत विभिन्नता से आप क्या समझते हैं, वैयक्तिक भिन्नता क्या है,वैयक्तिक विभिन्नताएं,वैयक्तिक भिन्नता के कारण,वैयक्तिक भिन्नता का परीक्षण,वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां,वैयक्तिक भिन्नता का महत्व,वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,वैयक्तिक भिन्नता की प्रकृति,वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धान्त किसने दिया, individual difference psychology in hindi, individual difference in hindi,, individual difference psychology, individual difference meaning in hindi, individual difference in learning, individual difference meaning, vaiktik binnta kya hain, vaiktik binnta ke kya karan hain,
व्यक्तिगत भिन्नताएं,व्यक्तिगत विभिन्नताएं,व्यक्तिगत मतभेदों के प्रकार,वैयक्तिक विभिन्नता के कारण,व्यक्तिगत मतभेदों की परिभाषा,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषा,व्यक्तिगत मतभेदों का कारण बनता है,व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएं,व्यक्तिगत विभिन्नता से आप क्या समझते हैं, individual difference in learning,

प्रत्येक शिक्षार्थी स्वयं में विशिष्ट है इसका अर्थ है कि कोई भी दो शिक्षार्थी अपनी योग्यताओं,सूचियों,प्रतिभाओं में एक समान नहीं होते है। प्रकृति का नियम है कि संसार में कोई भी दो व्यक्ति पूर्णता एक जैसे नहीं हो सकते यहां तक कि जुड़वा बच्चों में भी कई समानताएं के बावजूद कई अन्य प्रकार की भिन्नताएँ दिखाई पड़ती हैं। जुड़वा बच्चे शक्ल-सूरत से तो हुबहू एक जैसे दिख सकते हैं किंतु उनके स्वभाव, बुद्धि, शारीरिक,मानसिक, क्षमता आदि में अंतर होता है। भिन्न-भिन्न व्यक्तियों में इस प्रकार की विभिन्नता को ही व्यक्तिगत भिन्नता कहा जाता है।

वैयक्तिक भिन्नता क्या है,वैयक्तिक विभिन्नताएं,वैयक्तिक भिन्नता के कारण,वैयक्तिक भिन्नता का परीक्षण,वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां,वैयक्तिक भिन्नता का महत्व,वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,वैयक्तिक भिन्नता की प्रकृति,वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धान्त किसने दिया, individual difference psychology in hindi, individual difference in hindi,, individual difference psychology, individual difference meaning in hindi,

वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषाएँ( definition of individual difference)

स्किनर के अनुसार “वैयक्तिक भिन्नताओं से हमारा तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओं से है जिनका मापन व मूल्यांकन किया जा सकता है।”

टॉयलर के अनुसार “शरीर के रंग रूप,आकार,कार्य,गति,बुद्धि,ज्ञान, उपलब्धि,रुचि, अभिरुचि आदि लक्षणों में पाई जाने वाली भिन्नता को वैयक्तिक भिन्नता कहते हैं।”

जेम्स ड्रेवर के अनुसार “कोई व्यक्ति अपने समूह के शारीरिक तथा मानसिक गुणों के औसत से जितनी भिन्नता रखता है उसे वैयक्तिक भिन्नता कहते हैं।”

गुड के अनुसार “व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाया जाने वाला अंतर वैयक्तिक भिन्नता कहलाता है।”

गुड के अनुसार दूसरी परिभाषा “अपने संपूर्ण में वे सारे भेद अंतर,जो एक व्यक्ति को दूसरे से अलग करते हैं वैयक्तिक भिन्नता कहलाते हैं।”

अतः स्पष्ट है कि वैयक्तिक भिन्नता उन सभी क्षमताओं तथा लक्षणों आदि से संबंधित है जिनसे व्यक्तित्व का विकास व निर्माण होता है।

व्यक्तिगत भिन्नताएं,व्यक्तिगत विभिन्नताएं,व्यक्तिगत मतभेदों के प्रकार,वैयक्तिक विभिन्नता के कारण,व्यक्तिगत मतभेदों की परिभाषा,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषा,व्यक्तिगत मतभेदों का कारण बनता है,व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएं,व्यक्तिगत विभिन्नता से आप क्या समझते हैं, individual difference in learning, individual difference meaning, vaiktik binnta kya hain, vaiktik binnta ke kya karan hain,

वैयक्तिक भिन्नता के आधार (bases of individual difference)

वैयक्तिक भिन्नता के प्रमुख दो आधार है-

ये भी पढ़ें-  MS DOS ,LINEX,UNIX क्या है / MS DOS ,LINEX,UNIX की बेसिक जानकारी

(1) वंशानुक्रम (2) पर्यावरण

वंशानुक्रम

माता-पिता व अन्य पूर्वजों से संतान को प्राप्त होने वाला गुण वंशानुक्रम कहलाता है। इन्हीं के कारण प्रत्येक मनुष्य में विभिन्नता और समानता भी दिखाई देती है।

पर्यावरण

मानव विकास में पर्यावरण का स्थान बड़ा महत्वपूर्ण है। पर्यावरण में वे सभी तत्व आते हैं जो मानव विकास व उसके संबंधों को प्रभावित करते हैं।

व्यक्तिगत भिन्नताएं,व्यक्तिगत विभिन्नताएं,व्यक्तिगत मतभेदों के प्रकार,वैयक्तिक विभिन्नता के कारण,व्यक्तिगत मतभेदों की परिभाषा,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषा,व्यक्तिगत मतभेदों का कारण बनता है,व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएं,व्यक्तिगत विभिन्नता से आप क्या समझते हैं, वैयक्तिक भिन्नता क्या है,वैयक्तिक विभिन्नताएं,वैयक्तिक भिन्नता के कारण,वैयक्तिक भिन्नता का परीक्षण,वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां,वैयक्तिक भिन्नता का महत्व,वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,वैयक्तिक भिन्नता की प्रकृति,वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धान्त किसने दिया, individual difference psychology in hindi, individual difference in hindi,, individual difference psychology, individual difference meaning in hindi, individual difference in learning, individual difference meaning, vaiktik binnta kya hain, vaiktik binnta ke kya karan hain,
वैयक्तिक भिन्नता क्या है,वैयक्तिक विभिन्नताएं,वैयक्तिक भिन्नता के कारण,वैयक्तिक भिन्नता का परीक्षण,individual difference,वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां,वैयक्तिक भिन्नता का महत्व,वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,

वैयक्तिक भिन्नता के कारण (reasons of individual difference)

(1) वंशानुक्रम

(2) वातावरण

(3) स्वास्थ्य

(4) आयु व बुद्धि

(5) जाति प्रजाति व राष्ट्र

(6) शिक्षा व आर्थिक स्तर

(7) लिंगभेद

(8) पृष्ठभूमि

(9) परिपक्वता

इन्हें भी पढ़िये

कोहलबर्ग का नैतिक विकास सिद्धान्त

पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिद्धान्त

वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार (types of individual difference)

(1) शारीरिक विकास में वैयक्तिक भिन्नता

(2) मानसिक विकास में वैयक्तिक भिन्नता

(3) सांवेगिक विकास में वैयक्तिक भिन्नता

(4) व्यक्तित्व संबंधी वैयक्तिक भिन्नता

(5) उपलब्धियों में अंतर

(6) ज्ञानात्मक व क्रियात्मक क्षमताओं में वैयक्तिक भिन्नता

(7) भाषायी आधार पर वैयक्तिक भिन्नता 

(8) लिंग के आधार पर वैयक्तिक भिन्नता 

(9) परिवार एवं समुदाय के आधार पर वैयक्तिक भिन्नता

(10) अभिवृत्ति के आधार पर वैयक्तिक भिन्नता

(11) गत्यात्मक कौशलों के आधार पर वैयक्तिक भिन्नता

वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां (methods to know of individual difference)

वैयक्तिक भिन्नता जानने की मुख्य तीन विधियां हैं

(1) परीक्षण व्यक्ति

(2) इतिहास विधि

(3) सामूहिक अभिलेख

वैयक्तिक भिन्नता जानने की अन्य विधियां

(1) बुद्धि परीक्षण

(2) उपलब्धि परीक्षण

(3) अभियोग्यता परीक्षण

(4) निदानात्मक परीक्षण

(5) अभिवृत्ति परीक्षण

(6) व्यक्तित्व परीक्षण

(7) अभिरुचि परीक्षण

वैयक्तिक भिन्नता पर आधारित शिक्षण प्रक्रिया-(individual difference based teaching)

(1) डाल्टन प्रणाली

(2) प्रोजेक्ट प्रणाली

(3) ड्रेक्रोली प्रणाली

(4) किंडरगार्टन प्रणाली

(5) विनेटिका प्रणाली

(6) मांटेसरी प्रणाली

(7) बेसिक शिक्षा प्रणाली

(8) गैरी शिक्षण प्रणाली

(9) संविदा विधि

(10) क्रियात्मक विधि

(11) अभिक्रमित अनुदेशन

(12) कहानी पद्धति

(13) वार्तालाप विधि

(14) पर्यवेक्षित विधि

शिक्षा के क्षेत्र में वैयक्तिक भिन्नता का महत्व (importance of individual difference in education Field)

(1) शिक्षार्थी वैयक्तिक भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। अतः एक शिक्षक को सीखने के विविध अनुभवों को उपलब्ध कराना चाहिए।

(2) कक्षा का आकार तय करने में भी वैयक्तिक भिन्नता का ज्ञान विशेष सहायक होता है।

(3) वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धांत व्यक्तिगत शिक्षण पर जोर डालता है। इसके अनुसार बालकों को ध्यान में रखकर उसकी शिक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।

(4) व्यक्तिगत विभिन्नता का ज्ञान शिक्षकों को बालकों के शारीरिक दोषों को समझने में सहायता प्रदान करता है।

(5) बच्चों को गृह कार देते समय भी उनकी वैयक्तिक भिन्नता का ध्यान रखा जाता है।

ये भी पढ़ें-  सम्पूर्ण साक्षरता अभियान कार्यक्रम / प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के उद्देश्य

(6) वैयक्तिक भिन्नता को समझकर शिक्षक यह समझ पाते हैं कि किस प्रकार के बच्चों के लिए शिक्षण की कौन सी विधि अपनाई जाए।

(7) बालकों के निर्देशन में भी व्यक्ति भिन्नता की विशेष भूमिका होती है।

(8) वैयक्तिक भिन्नता का ज्ञान शिक्षकों में विद्यालय प्रबंधकों को कक्षा के वर्गीकरण में सहायता प्रदान करता है।

दोस्तों आशा है कि आपको यह आर्टिकल बहुत ही अच्छा लगा होगा आपको व्यक्ति भिन्नता से जुड़ी सारी जानकारियां इस आर्टिकल में प्राप्त हो गई होंगी हमें कमेंट करके जरूर बताइए कि आप को यह आर्टिकल कैसा लगा तथा अपने दोस्तों के साथ इसको शेयर भी कीजिए।

प्रश्न – 1. व्यक्तिक भिन्नता क्या है?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता का मतलब है कि हर व्यक्ति अन्य व्यक्तियों से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक दृष्टि से अलग होता है। यह भिन्नता व्यक्तित्व, सोचने के तरीके, और व्यवहार में परिलक्षित होती है।

प्रश्न – 2. व्यक्तिक भिन्नता के प्रकार क्या होते हैं?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता के प्रमुख प्रकार हैं:शारीरिक भिन्नता (Physical Differences)मानसिक भिन्नता (Mental Differences)सामाजिक भिन्नता (Social Differences)भावनात्मक भिन्नता (Emotional Differences)

प्रश्न – 3. व्यक्तिक भिन्नता के कारण क्या होते हैं?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता के कारण जैविक, जैव-आधारित, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कारक हो सकते हैं।

प्रश्न – 4. जैविक कारक व्यक्तिक भिन्नता को कैसे प्रभावित करते हैं?

उत्तर – जैविक कारक जैसे वंशानुगत गुण, मस्तिष्क की संरचना और शारीरिक स्वास्थ्य से व्यक्ति के व्यवहार, सोचने की क्षमता और शारीरिक क्षमता में भिन्नता उत्पन्न होती है।

प्रश्न – 5. सांस्कृतिक भिन्नता क्या है?

उत्तर – सांस्कृतिक भिन्नता समाजों, धर्मों, भाषाओं और रीति-रिवाजों के आधार पर उत्पन्न होती है, जिससे व्यक्तियों की सोच और व्यवहार पर प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न – 6. व्यक्तिक भिन्नता का मनोविज्ञान में क्या महत्व है?

उत्तर – मनोविज्ञान में व्यक्तिक भिन्नता का अध्ययन यह समझने के लिए किया जाता है कि लोग कैसे अलग-अलग परिस्थितियों में प्रतिक्रिया करते हैं और उनके निर्णय लेने के तरीके कैसे प्रभावित होते हैं।

प्रश्न – 7. क्या दो व्यक्तियों में कोई समानताएँ हो सकती हैं?

उत्तर – हाँ, भले ही व्यक्तिक भिन्नता होती है, लेकिन कुछ समानताएँ भी हो सकती हैं जैसे कि मानवीय मूलभूत इच्छाएँ, भावनाएँ और शारीरिक जरूरतें।

प्रश्न – 8. व्यक्तिक भिन्नता का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता समाज में विविधता और समृद्धि लाती है, जो बेहतर विचारों, निर्णयों और समाधान उत्पन्न करने में मदद करती है।

प्रश्न – 9. व्यक्तिक भिन्नता के कारण शिक्षा में क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता के कारण शिक्षा में व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार समायोजन, एक जैसे शैक्षिक दृष्टिकोण की कमी और विविध सीखने की शैली की चुनौती हो सकती है।

ये भी पढ़ें-  अस्थि बाधित बालकों (विकलांग बालक) की पहचान, विशेषताएं, प्रकार, कारण / अस्थि बाधित बालकों की शिक्षा एवं शिक्षण सामग्री
प्रश्न – 10. क्या व्यक्तिक भिन्नता को स्वीकार किया जाना चाहिए?

उत्तर – हाँ, व्यक्तिक भिन्नता को स्वीकार करने से समाज में समावेशिता, सम्मान और बेहतर सहयोग की भावना पैदा होती है।

प्रश्न – 11. व्यक्तिक भिन्नता और समानता में क्या अंतर है?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता व्यक्तियों के बीच अंतर को दर्शाती है, जबकि समानता उन पहलुओं को प्रदर्शित करती है जिनमें लोग एक जैसे होते हैं।

प्रश्न – 12. शारीरिक भिन्नता क्या होती है?

उत्तर – शारीरिक भिन्नता में व्यक्ति के शारीरिक आकार, कद, त्वचा का रंग, आंखों का रंग, और शारीरिक क्षमता जैसी विशेषताएँ शामिल होती हैं।

प्रश्न – 13. मानसिक भिन्नता का समाज पर क्या प्रभाव होता है?

उत्तर – मानसिक भिन्नता से समाज में विचारों की विविधता, समस्या समाधान के तरीके और व्यक्तिगत क्षमताओं के विकास में भिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न – 14. व्यक्तिक भिन्नता को कैसे प्रबंधित किया जा सकता है?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता को समझने, स्वीकार करने और विभिन्न दृष्टिकोणों को सम्मान देने के माध्यम से बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है।

प्रश्न – 15. व्यक्तिक भिन्नता का कार्यस्थल पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर – कार्यस्थल पर व्यक्तिक भिन्नता से टीम वर्क, विचारों की विविधता, नवाचार और समस्या समाधान में सुधार हो सकता है।

प्रश्न – 16. क्या व्यक्तिक भिन्नता जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है?

उत्तर – हां, व्यक्तिक भिन्नता जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे कि रिश्तों, पेशेवर कार्य, और व्यक्तिगत संतुष्टि को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न – 17. क्या मानसिक भिन्नता को उपचारित किया जा सकता है?

उत्तर – कुछ मानसिक भिन्नताएँ, जैसे मानसिक विकार, उपचार के माध्यम से नियंत्रित या इलाज की जा सकती हैं, लेकिन व्यक्तित्व के भिन्न पहलू में उपचार की जरूरत नहीं होती।

प्रश्न – 18. व्यक्तिक भिन्नता का बच्चों के विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर – बच्चों में व्यक्तिक भिन्नता उनके सामाजिक व्यवहार, सीखने की क्षमता, और व्यक्तिगत विकास को प्रभावित करती है।

प्रश्न – 19. क्या व्यक्तिक भिन्नता लिंग पर आधारित होती है?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता लिंग, जाति, संस्कृति, और पर्यावरणीय कारकों के आधार पर हो सकती है, लेकिन लिंग कोई प्रमुख भेदक नहीं है।

प्रश्न – 20. व्यक्तिक भिन्नता से समाज के लिए कौन-कौन से लाभ होते हैं?

उत्तर – व्यक्तिक भिन्नता से समाज में समृद्धि, नवाचार, और विभिन्न दृष्टिकोणों का समावेश होता है, जो विकास और सामाजिक कल्याण के लिए आवश्यक होते हैं।

Tags-व्यक्तिगत भिन्नताएं,व्यक्तिगत विभिन्नताएं,व्यक्तिगत मतभेदों के प्रकार,वैयक्तिक विभिन्नता के कारण,व्यक्तिगत मतभेदों की परिभाषा,वैयक्तिक भिन्नता की परिभाषा,व्यक्तिगत मतभेदों का कारण बनता है,व्यक्तिगत विभिन्नता की विशेषताएं,व्यक्तिगत विभिन्नता से आप क्या समझते हैं

वैयक्तिक भिन्नता क्या है,वैयक्तिक विभिन्नताएं,वैयक्तिक भिन्नता के कारण,वैयक्तिक भिन्नता का परीक्षण,वैयक्तिक भिन्नता जानने की विधियां,वैयक्तिक भिन्नता का महत्व,वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ,वैयक्तिक भिन्नता की प्रकृति,वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धान्त किसने दिया,individual difference psychology in hindi, individual difference in hindi,, individual difference psychology, individual difference meaning in hindi, individual difference in learning, individual difference meaning, vaiktik binnta kya hain, vaiktik binnta ke kya karan hain,वैयक्तिक भिन्नता का अर्थ एवं परिभाषा प्रकार आधार विधियां

Leave a Comment