दोस्तों आज हम आपको रसायन विज्ञान के अंतर्गत भर्जन और निस्तापन में अंतर की जानकारी प्रदान करेगे। Hindiamrit आपको इसके साथ ही साथ भर्जन किसे कहते है,निस्तापन किसे कहते है,भर्जन में कौन सी अशुद्धि दूर की जाती है,निस्तापन में कौन सी अशुद्धि दूर की जाती है,भर्जन का रासायनिक समीकरण,निस्तापन का रासायनिक समीकरण, आदि की समस्त जानकारी आपको आसान भाषा में प्रदान करेगे।

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भर्जन और निस्तापन में अंतर
सांद्रित अयस्क से धातु प्राप्त करने की पूर्ण क्रिया को धातु का निष्कर्षण कहते है। इसके अंतर्गत निम्न क्रियाये आती है- (1) भर्जन (roasting) (2) निस्तापन(calcination) (3) प्रगलन (smelting)
भर्जन क्या है,उदाहरण (roasting)
सांद्रित अयस्क को अकेले या अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर वायु की नियंत्रित मात्रा की उपस्थिति में बिना पिघलाये गर्म करने की क्रिया को भर्जन कहते हैं। यह क्रिया मुख्यतः सल्फाइड अयस्को के लिए प्रयुक्त की जाती है। इस क्रिया में अयस्क आंशिक अथवा पूर्ण रूप से ऑक्सीकृत हो जाता है। तथा अयस्क में उपस्थित सल्फर व आर्सेनिक की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं। यह क्रिया प्रायः परावर्तनी भट्टी में कराई जाती है।
निस्तापन किसे कहते है (calcination)
निस्तापन की क्रिया में सांद्रित अयस्क को इतना गर्म करते हैं कि उसमें से वाष्पशील पदार्थ निकल जाते हैं। परंतु अयस्क को पिघलने नहीं दिया जाता है। इससे प्रायः कार्बोनेट,ऑक्साइड तथा हाइड्रोक्साइड अयस्कों का निस्तापन किया जाता है।
प्रगलन किसे कहते है (smelting)
अयस्क में कोक तथा उचित गालक मिलाकर मिश्रण को उचित आप तक गर्म करके गलाने की क्रिया को प्रगलन कहते हैं। यह क्रिया वात्या भट्टी में कराई जाती है।

भर्जन और निस्तापन में अंतर || difference between roasting and calcination
भर्जन (Incineration) | निस्तापन (Disposal) |
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यह एक प्रक्रिया है जिसमें अपशिष्ट पदार्थों को उच्च तापमान पर जलाकर नष्ट किया जाता है। | यह अपशिष्ट पदार्थों को उचित स्थान पर सुरक्षित रूप से फेंकने या पुनः चक्रण (Recycling) करने की प्रक्रिया है। |
इस प्रक्रिया में कचरे को जलाकर उसकी मात्रा को कम किया जाता है। | यह प्रक्रिया कचरे को लैंडफिल, समुद्र में डालने या पुनः उपयोग करने पर केंद्रित होती है। |
यह मुख्य रूप से जैविक और खतरनाक अपशिष्ट के लिए उपयोग किया जाता है। | यह घरेलू, औद्योगिक, जैविक, और रासायनिक सभी प्रकार के अपशिष्ट के लिए किया जाता है। |
इससे हवा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और अन्य हानिकारक गैसें निकल सकती हैं। | यदि निस्तापन सही तरीके से न किया जाए तो यह जल और भूमि प्रदूषण का कारण बन सकता है। |
यह उच्च तापमान (800°C – 1000°C) पर किया जाता है। | यह कई विधियों जैसे लैंडफिल, कंपोस्टिंग और पुनर्चक्रण द्वारा किया जाता है। |
भर्जन के बाद राख बचती है जिसे विशेष लैंडफिल में डंप किया जाता है। | निस्तापन के बाद बचे अपशिष्ट को पुनः उपयोग या रिसाइक्लिंग किया जा सकता है। |
यह प्रक्रिया मेडिकल वेस्ट, औद्योगिक कचरे और प्लास्टिक जलाने में उपयोग होती है। | यह सामान्य घरेलू कचरा, ई-कचरा, प्लास्टिक और जैविक कचरे के प्रबंधन में उपयोग होती है। |
यह कम भूमि स्थान घेरता है और तुरंत कचरे को नष्ट कर देता है। | निस्तापन में अधिक भूमि और संसाधनों की आवश्यकता होती है। |
भर्जन के लिए महंगे संयंत्रों की आवश्यकता होती है। | निस्तापन कम खर्चीला हो सकता है, लेकिन उचित प्रबंधन आवश्यक है। |
निस्तापन और भर्जन में अंतर(टेबल 2)
भर्जन(roasting) | निस्तापन(calcination) |
यह वायु की उपस्थिति में होता है। | वायु की अनुपस्थिति में होता है। |
सल्फाइड अयस्कों के लिए होता है। | कार्बोनेट, ऑक्साइड, हाइड्राक्साइड अयस्कों के लिए होता है। |
अयस्क आंशिक या पूर्ण रूप से ऑक्सीकृत हो जाता है। | नहीं होता है। |
पूर्ण रूप से गलाया जाता है। | इसमें अयस्क को पिघलने नहीं दिया जाता है। |
उपयोगी लिंक
ब्रूनर का संज्ञानात्मक अधिगम का सिद्धान्त
भर्जन और निस्तापन में अंतर से जुड़े 20 FAQS
- भर्जन क्या है?
उत्तर: कचरे को उच्च तापमान पर जलाकर नष्ट करने की प्रक्रिया। - निस्तापन क्या है?
उत्तर: अपशिष्ट को सुरक्षित रूप से नष्ट करने या पुनः उपयोग करने की प्रक्रिया। - भर्जन में कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाती है?
उत्तर: कचरे को जलाने की। - निस्तापन में कौन-कौन सी विधियाँ अपनाई जाती हैं?
उत्तर: लैंडफिल, पुनर्चक्रण, कंपोस्टिंग आदि। - भर्जन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कचरे की मात्रा को कम करना और हानिकारक अपशिष्ट को नष्ट करना। - निस्तापन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कचरे को सही तरीके से प्रबंधित करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना। - क्या भर्जन से वायु प्रदूषण होता है?
उत्तर: हां, इससे CO₂ और अन्य हानिकारक गैसें निकल सकती हैं। - क्या निस्तापन से भूमि प्रदूषण हो सकता है?
उत्तर: हां, अगर लैंडफिल का सही तरीके से प्रबंधन न किया जाए। - भर्जन में कौन-कौन से कचरे जलाए जाते हैं?
उत्तर: जैविक कचरा, मेडिकल वेस्ट, औद्योगिक कचरा। - निस्तापन किन-किन तरीकों से किया जाता है?
उत्तर: पुनर्चक्रण, कंपोस्टिंग, लैंडफिल, समुद्र में डंपिंग। - भर्जन में किस प्रकार के संयंत्रों का उपयोग किया जाता है?
उत्तर: भर्जन संयंत्र (Incineration Plants)। - निस्तापन के लिए किन स्थानों का उपयोग किया जाता है?
उत्तर: लैंडफिल, रिसाइक्लिंग यूनिट, जैविक खाद संयंत्र। - भर्जन में कौन सा तापमान आवश्यक होता है?
उत्तर: 800°C – 1000°C। - क्या भर्जन प्रक्रिया में राख (Ash) उत्पन्न होती है?
उत्तर: हां, जिसे विशेष लैंडफिल में डंप किया जाता है। - क्या भर्जन से ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है?
उत्तर: हां, कुछ भर्जन संयंत्रों में ऊर्जा उत्पादन किया जाता है। - क्या निस्तापन प्रक्रिया में पुनर्चक्रण संभव है?
उत्तर: हां, कई प्रकार के कचरे को पुनः उपयोग किया जा सकता है। - भर्जन के लाभ क्या हैं?
उत्तर: कचरे की मात्रा में कमी, त्वरित निस्तारण, कुछ मामलों में ऊर्जा उत्पादन। - निस्तापन के लाभ क्या हैं?
उत्तर: भूमि और जल संरक्षण, पुनर्चक्रण द्वारा संसाधनों का पुनः उपयोग। - क्या भर्जन प्रक्रिया महंगी होती है?
उत्तर: हां, इसमें महंगे संयंत्र और उच्च ऊर्जा की आवश्यकता होती है। - क्या निस्तापन पर्यावरण के अनुकूल हो सकता है?
उत्तर: हां, यदि सही तकनीकों का उपयोग किया जाए, जैसे पुनर्चक्रण और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन।
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