कम्प्यूटर के प्रकार / types of computer in hindi

आज का युग कम्प्यूटर का युग है। आज के जीवन मे सभी को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कम्प्यूटर से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए हमारी साइट hindiamrit.com कम्प्यूटर से जुड़ी समस्त महत्वपूर्ण टॉपिक की श्रृंखला पेश करती है,जो आपके लिए अति महत्वपूर्ण साबित होगी,ऐसी हमारी आशा है। अतः आज का हमारा टॉपिक कम्प्यूटर के प्रकार / types of computer in hindi की जानकारी प्रदान करना है।

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कम्प्यूटर के प्रकार / types of computer in hindi

कम्प्यूटर के प्रकार / types of computer in hindi
कम्प्यूटर के प्रकार / types of computer in hindi

types of computer in hindi / कम्प्यूटर के प्रकार

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TYPES OF COMPUTER SYSTEM / कम्प्यूटर के प्रकार

कम्प्यूटर का वर्गीकरण मुख्य तीन आधारों पर किया जाता है-

(1) अनुप्रयोग अथवा आँकड़ों के प्रदर्शन के आधार पर आधारित (On the Basis of Application or Data Representation)
(2) उद्देश्य पर आधारित (On the Basis of Purpose)|
(3) आकार व क्षमता अथवा गति पर आधारित (On the basis of Size and Capacity or Speed)

1.अनुप्रयोग अथवा आँकड़ों के प्रदर्शन के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार

इस आधार पर कम्प्यूटर को निम्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है-
(a) एनालॉग कम्प्यूटर (Analog Computer), (b) डिजिटल कम्प्यूटर (Digital Computer), (c) हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)|

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(a) एनालॉग कम्प्यूटर (Analog Computer)

इस प्रकार के कम्प्यूटर संकेतों के रूप में जनित आँकड़ों पर प्रक्रिया कर परिणाम प्रदान करते हैं। इस प्रकार के आँकड़े अपने स्रोत से लगातार संकेतों के रूप में उत्पन्न होते रहते हैं। इसीलिए इस प्रकार के आँकड़ों को निरन्तर जनित आँकड़े (Continuous Type of Data) कहते हैं। इस प्रकार के आँकड़े-तापमान, लम्बाई गति, दबाव आदि हैं। जो कम्प्यूटर निरन्तर जनित संकेतों पर कार्य करते हैं
वे एनालॉग कम्प्यूटर कहलाते हैं।

(b) डिजिटल कम्प्यूटर (Digital Computer)

बिखरे हुए आँकड़ों को अंकीय रूप में एकत्रित करके उन पर प्रक्रिया करने वाले कम्प्यूटरों को डिजिटल कम्प्यूटर कहते है। बिखरे (Discrete) प्रकार के आँकड़े हमारी प्रतिदिन की क्रियाओं द्वारा अलग अलग समय पर व अलग-अलग स्थानों पर उत्पन्न होते हैं। इन्हें अंकीय रूप में एक स्थान पर संरक्षित किया जाता है व इनकी प्रक्रिया की जाती है। इन अंकीय रूपी आँकड़ों पर प्रक्रिया करने वाले कम्प्यूटरों को डिजिटल कम्प्यूटर कहते हैं। इन कम्प्यूटरों का उपयोग विद्यालयों, कार्यालयों, दुकानों इत्यादि में प्रयुक्त किया जाता है।

(c) हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybird Computer)

इस प्रकार के कम्प्यूटर एनालॉग व डिजिटल कम्प्यूटर दोनों के ही गुणों से युक्त होते हैं। ये कम्प्यूटर निरन्तर जनित आँकड़ों तथा अंकीय आँकड़ों दोनों प्रकार के आँकड़ों पर प्रक्रिया करने में सक्षम होते हैं। डिजिटल व एनालॉग दोनों के ही गुणों की उपलब्धता के कारण ही इन कम्प्यूटरों को हाइब्रिड कहा जाता है। जैसे- किसी अस्पताल में रोगी के तापमान व रक्तचाप को मापना व रोगी के रोग से सम्बन्धित आँकड़ों का संसाधन (Processing) दोनों प्रकार के कार्य मात्र हाइब्रिड कम्प्यूटर से ही सम्भव है।

2. उद्देश्य (Purpose) के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार

उद्देश्य के आधार पर कम्प्यूटरों का मुख्यत: दो भागों में विभाजित किया गया है-

(1) सामान्य उद्देशीय कम्प्यूटर (General Purpose Computer),
(2) विशिष्ट उद्देशीय कम्प्यूटर (Special Purpose Computer)।

(1) सामान्य उद्देशीय कम्प्यूटर (General Purpose Computer)

इस प्रकार के कम्प्यूटर अनेक सामान्य प्रकार के कार्य करने के लिए विकसित किये जाते हैं। आलेख तैयार करना, आलेख छापना, डेटा बेस तैयार करना व उससे सूचनाएँ प्राप्त करना, शब्द प्रक्रिया (Word Processing), कम्प्यूटर डिजाइन तैयार करना इत्यादि कार्य सामान्य उद्देशीय कम्प्यूटरों द्वारा प्रतिपादित किये जाते हैं। ये अनेक प्रकार के सामान्य कार्य बिना फेर-बदल के कर सकते हैं।

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(2) विशिष्ट उद्देशीय कम्प्यूटर (Special Purpose Computer)

इस प्रकार के कम्प्यूटर किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए ही विकसित किये जाते हैं व इनकी प्रक्रिया क्षमता भी उसी विशिष्ट कार्य के आवश्यकतानुसार ही होती है। इस प्रकार के कम्प्यूटरों में यदि आवश्यक हो तो एक से अधिक प्रोसेसर भी संलग्न किये जा सकते हैं। ऐसे विशिष्ट कार्य जिनका निष्पादन सामान्य उद्देश्य कम्प्यूटर से नहीं किया जा सकता, उनके लिए कुछ विशिष्ट उद्देशीय कम्प्यूटर कुछ विशिष्ट युक्तियों के साथ संलग्न कर विकसित किये जाते हैं। इस प्रकार के कम्प्यूटर निम्नलिखित क्षेत्रों में उपयोग किये जाते हैं। ग्राफिक्स (Graphics), खेल (Games), रिकार्डिंग (Recording), बैंकिंग (Banking), सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), आरक्षण (Reservation), फिल्म (Vedio), शिक्षा (Education), गणना (Accounting),बातचीत (Chat), संगीत (Music), एनीमेशन (Animation), मौसम सम्बन्धी जानकारियाँ (Weather Information) आदि।

(3) आकार एवं क्षमता अथवा गति के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार

आकार एवं क्षमता अथवा गति के आधार पर कम्प्यूटरों को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जाता है-
(i) माइक्रो कम्प्यूटर (Micro Computer),
(ii)  मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer),
(iii) मेनफ्रम कम्प्यूटर (Mainfrarne Computer),
(iv) सुपर कम्प्यूटर (Super Computer)|

(i) माइक्रो कम्प्यूटर (Micro Computer)

माइक्रो कम्प्यूटर सूक्ष्मतम आकार के कम्प्यूटर होते हैं। इनमें माइक्रो प्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है। ये कम्प्यूटर व्यक्तिगत व व्यावसायिक दोनों ही उपयोगों में लाये जा सकने वाले कम्प्यूटर हैं। माइक्रो कम्प्यूटरों को निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है-
(a) होम कम्प्यूटर
(b) पर्सनल कम्प्यूटर (PC),
(c) पर्सनल कम्प्यूटर एक्सटेन्डेड टेक्नोलॉजी (PC/XT),
(d) पर्सनल कम्प्यूटर/एडवान्स टेक्नोलॉजी (PCIAT),
(e) पेन्टियम-1, पेन्टियम-II,पेन्टिया-III, पेन्टियम-IV)

प्रारम्भ में माइक्रो कम्प्यूटर की गति बहुत कम होती थी किन्तु वर्तमान में यह गति 2000 मेगा हड़ तक हो गयी है। प्रारम्भिक स्मृति लगभग 256 मेगाबाइट व भण्डारण क्षमता 80GB तक हो गयी है।

माइक्रो कम्प्यूटर में प्रारम्भ के इन्टेल 8088 से लेकर पेन्टियम व सेलेरॉन, सायरेक्स, ए. एम. डी. इत्यादि समूह के माइक्रो प्रोसेसर प्रयुक्त होते हैं। माइक्रो कम्प्यूटर्स एकल प्रयोक्ता (Single User) होते हैं। इन कम्प्यूटर में भण्डारण की क्षमता अत्यधिक होती है। वर्तमान में माइक्रो कम्प्यूटर एक ब्रीफ केस, एक पुस्तक, एक कैलकुलेटर तथा घड़ी तक के सूक्ष्म आकार में विकसित होने लगे हैं।

(ii)  मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer)

मिनी कम्प्यूटर माइक्रो कम्प्यूटरों के तुलना में कुछ बड़े, तीव्र व महँगे होते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य बहुप्रयोक्ता (Multi User) वातावरण प्रदान करना है। इन कम्प्यूटरों की निम्न विशेषताएँ हैं-

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(1) यह कम्प्यूटर मुख्यतया 16 बिट व 32 बिट प्रोसेसर का उपयोग मुख्य सी. पी.यू. में करते हैं।
(2) मोटोरोला 68020 व इण्टेल 80386 इन माइक्रो प्रोसेसर के उदाहरण हैं।
(3) इसमें 1 MB रैम से लेकर 256 MB रैम तक लगायी जाती है।
(4) ये कम्प्यूटर 2 से लेकर 64 कम्प्यूटर टर्मिनलों को नियन्त्रित कर सकते हैं।
(5) इनमें अनेको भण्डारण युक्तियाँ, प्रिण्टर, स्केनर, प्लॉटर संलग्न किये जा सकते हैं।
(6) ये कम्प्यूटर संचार की सुविधा प्रदान करते हैं।
(7) इसमें यूनिक्स, लाइनेक्स, सोलारिस इत्यादि परिचालन प्रणालियाँ प्रयुक्त होती हैं।
(8) माइटीफ्रेम, मैग्नम, पी. डी. पी-8 आदि मिनी कम्प्यूटर हैं।

(iii) मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe Computer)

ये कम्प्यूटर मिनी कम्प्यूटर से अधिक क्षमता वाले कम्प्यूटर होते हैं। इनकी निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

(1) मेनफ्रेम कम्प्यूटर में 48 बिट, 60 बिट अथवा 64 बिट प्रोसेसर व एड्रेसिंग प्रणाली का प्रयोग करते हैं।
(2) इनमें 256 MB से अधिक की रैम लगायी जा सकती है।
(3) इन कम्प्यूटरों पर 2 से लेकर 256 तक कम्प्यूटर टर्मिनल लगाये जा सकते हैं।
(4) इनमें अनेकों भण्डारण युक्तियाँ, प्रिण्टर, प्लॉटर इत्यादि एक ही समय पर संलग्न करके क्रियान्वित किये जा सकते हैं।
(5) डी. ई. सी.-10, आई. बी. एम.-370, ई. सी.-1020 आदि मेनफ्रेम कम्प्यूटर हैं।

(v) सुपर कम्प्यूटर (Super Computer)

ये कम्प्यूटर सबसे अधिक गति, संग्रह क्षमता, प्रयोक्ता वाले कम्प्यूटर हैं। इनमें अनेकों सी. पी. यू. होते हैं, ये समान्तर क्रिया करने में सक्षम होते हैं। इन कम्प्यूटरों में नॉन वॉन न्यूमैन पद्धति का प्रयोग किया जाता है।

सुपर कम्प्यूटर में अनेक संसाधन प्रणालियाँ उपयोग की जाती हैं। प्रत्येक संसाधक समान्तर प्रक्रिया करता है। यह कम्प्यूटर 1 करोड़ निर्देश प्रति सेकण्ड से भी अधिक कार्य कर सकता है। क्रे. एक्स. एम. पी. 24, एन. ई. सी.-500 कम्प्यूटर विदेशों में विकसित कम्प्यूटर हैं। भारत में निर्मित परम 10,000, अनुपम सुपर कम्प्यूटर हैं। सुपर कम्प्यूटर का प्रयोग निम्न कार्यों में किया जाता है-
(1) मौसम की भविष्यवाणी करने में।
(2) तीव्र एनिमेशन वाले चलचित्र के निर्माण में।
(3) अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण कार्य में।’
(4) जटिल वैज्ञानिक व शोध प्रयोगशालाओं में।
(5) उपग्रह विज्ञान में।

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