व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार / types of personal computer in hindi

आज का युग कम्प्यूटर का युग है। आज के जीवन मे सभी को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कम्प्यूटर से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए हमारी साइट hindiamrit.com कम्प्यूटर से जुड़ी समस्त महत्वपूर्ण टॉपिक की श्रृंखला पेश करती है,जो आपके लिए अति महत्वपूर्ण साबित होगी,ऐसी हमारी आशा है। अतः आज का हमारा टॉपिक व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार / types of personal computer in hindi की जानकारी प्रदान करना है।

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व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार / types of personal computer in hindi

व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार / types of personal computer in hindi
व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार / types of personal computer in hindi

types of personal computer in hindi / व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार

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व्यक्तिगत कम्प्यूटर किसे कहते हैं / [PERSONAL COMPUTER]

25 मार्च, 1989 को भारत में Cray-XMP-14 नामक प्रथम सुपर कम्प्यूटर दिल्ली में स्थापित किया गया था इसका प्रयोग मौसम एवं कृषि सम्बन्धी जानकारियों को प्राप्त करने के लिए किया गया था। इसके बाद भारत ने भी कुछ समय पहले ही सुपर कम्प्यूटर बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है। जापान की कम्पनी N.E.C. ने विश्व का सर्वाधिक तीव्र सुपर कम्प्यूटर बनाया है जो एक सेकण्ड में 28 अरब गणनाएँ कर सकता है। इस कम्प्यूटर का मूल्य लगभग 2 करोड़ 38 लाख डालर है | CRAY-2, CRAYXM 24 और NEC-500 सुपर कम्प्यूटर हैं।

तकनीकी शब्दावली के अनुसार कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। कम्प्यूटर आँकड़ों को ग्रहण करता है तथा प्राप्त निर्देशों के अनुसार वांछित परिणाम देता है। वर्तमान में अपने घरों अथवा ऑफिसों में प्रयोग किये जाने वाला कम्प्यूटर पर्सनल या पी. सी. (P.C.) कम्प्यूटर है। कम्प्यूटर लैटिन के ‘कम्प्यूटेअर’ (Computare) व अंग्रेजी के शब्द ‘कम्प्यूट’ (Compute) से बना है जिसका अर्थ हे गणना।

व्यक्तिगत कम्प्यूटर (Personal Computer-P.C.)

सन् 1970 से कम्प्यूटर में माइक्रो प्रोसेसर का प्रयोग किया जाने लगा। माइक्रो प्रोसेसर के प्रयोग के कारण इसे माइक्रो कम्प्यूटर कहने लगे। माइक्रो कम्प्यूटर पर कर बार में एक व्यक्ति कार्य कर सकता है इसलिए माइक्रो कम्प्यूटर को व्यक्तिगत कम्प्यूटर (Personal Computer-P.C.) भी कहते हैं।

व्यक्तिगत कम्प्यूटर की संरचना (Structure of Personal Computer-P.C.)

व्यक्तिगत कम्प्यूटर के आन्तरिक परिपथ में माइक्रो प्रोसेसर के साथ-साथ अन्य आवश्यक युक्तियाँ (Devices) लगी होती हैं । अन्य आवश्यक युक्तियों में प्रिण्टर,मॉडेम, स्पीकर,स्कैनर, निम्न भाग होते हैं-
प्लाटर, ग्राफिक टेबलेट, लाइट पेन, आदि होती हैं । व्यक्तिगत कम्प्यूटर की आन्तरिक रचना में (i) मॉनीटर, (ii) मॉडेम, (iii) सिस्टम यूनिट, (iv) सी. डी. रोम, (v) फ्लॉपी ड्राइव, (vi) की-बोर्ड,(vii) माउस आदि ।

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Personal computer या व्यक्तिगत कम्प्यूटर एक सिस्टम है जिसमें डाटा व निर्देशों को आगत (Input) किया जाता है। आगत किये गये डाटा व निर्देशों को सिस्टम इकाई (System Unit) में पहुँचाया जाता है । सिस्टम इकाई में निर्देशों के अनुसार, केन्द्रीय संसाधन इकाई (Central Processing Unit-C.PU.) प्रोसेसिंग के बाद परिणाम निर्गत इकाई Output Device में भेजा जाता है। निर्गत इकाई मॉनीटर हमें परिणाम को स्कीन पर दिखाती है। स्क्रीन पर प्राप्त परिणाम निर्गत (Output) कहलाता है।

व्यक्तिगत कम्प्यूटर (Personal Computer-PC) के सिस्टम यूनिट के भाग

व्यक्तिगत कम्प्यूटर के सिस्टम यूनिट में निम्नलिखित युक्तियाँ होती हैं-
(1) माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor),
(2) विद्युत सप्लाई के लिये एस. एम. पी. एस. (S.M.P.S.) अथवा यू.पी.एस.
(3) मैमोरी (Memory),
(4) हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard Disc Drive),
(5) फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (Floppy Disc Drive),
(6) कॉम्पैक्ट डिस्क ड्राइव (C. D. Drive),
(7) मॉडेम (Modem),
(8) नेटवर्क कार्ड (Network Card),
(9) अन्य परिपथ कार्ड (Other Circuit Card) ।

व्यक्तिगत कम्प्यूटर के प्रकार (Types of Personal Computer)

व्यक्तिगत कम्प्यूटर को मुख्य रूप से चार भागों में बाँटा जा सकता है-
1. पॉमटॉप पी सी (Plantop PC),
2. लैपटॉप/नोटबुक (Laptop/Notebook),
3 .वर्क स्टेशन्स (Work Stations),
4.  डेस्कटॉप पी.सी. (Desktop PC) ।

(1) पॉमटॉप पी सी (Palmtop PC)

यह एक छोटे आकार का कम्प्यूटर होता है। ये आकार में इतने छोटे होते हैं कि कोई व्यक्ति इन्हें हथेली पर रखकर प्रयोग कर सकता है। इसीलिए इन्हें पॉमटॉप व्यक्तिगत कम्प्यूटर (Polmtop Personal Computer) कहते हैं। इस कम्प्यूटर की सभी क्षमताएँ एक सामान्य पर्सनल कम्प्यूटर से मिलती हैं। पॉमटॉप कम्प्यूटर की संग्रहण क्षमता कम होती है। इन कम्प्यूटर्स को वायरलैस नेटवर्क द्वारा भी जोड़ा जा सकता है। पॉमटॉप कम्प्यूटर, मोबाइल फोन, फैक्स और ई-मेल मशीन की भाँति प्रयोग करने की सुविधा प्रदान करता है।

आजकल सैलुलर फोन में पी सी को समाहित करके इसका प्रयोग बहुआयामी कर दिया गया है । इलैक्ट्रॉनिक डायरी भी इसी का एक रूप है। पॉमटॉप पी सी में केलकुलेटर के समान छोटे बटनों वाला एक की-बोर्ड होता है तथा इसकी एक छोटी सी मॉनीटर स्क्रीन होती है। इसे बैटरी की सहायता से चलाया जाता है। की-बोर्ड की सहायता से इसे कमाण्ड्स दी जाती है,डाटा इनपुट किया जाता है। कमाण्ड के उपरान्त प्राप्त परिणाम का प्रदर्शन इसकी स्क्रीन पर होता है।

(2) लैपटॉप/नोटबुक(Laptop/Notebook)

लैपटॉप पी सी को ही नोटबुक कम्प्यूटर के नाम से भी जाना जाता है । लैपटॉप कम्प्यूटर का भार लगभग 2 Kg होता है। एक व्यक्ति इस प्रकार के कम्प्यूटर को गोद में रखकर इस पर कार्य कर सकता है । इस कम्प्यूटर की बनावट एक ब्रीफकेस अथवा बड़ी नोटबुक के समान होती है। यह एक पोर्टेबल (Porable) कम्प्यूटर है,इसे किसी भी स्थान पर सुगमता से ले जाया जा सकता है ।

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इस कम्प्यूटर में की-बोर्ड, फ्लैट स्क्रीन लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले (Flat Screen Liquid Crystal Display) तथा एक पेन्टियम (Pentium) अथवा पॉवर पी सी प्रोसेसर (Power Pc Processer) का प्रयोग होता हैं, लैपटॉप कम्प्यूटर साधारण तथा विन्डोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करते हैं। लैपटॉप में हार्डडिस्क व फ्लॉपी डिस्क दोनों आती हैं। लैपटॉप को एक नैटवर्क द्वारा जोड़ा जा सकता है। लैपटॉप बैटरी द्वारा चलाये जा सकते हैं। इनका प्रयोग यात्रा के समय कार्यालय से दूर भी किया जा सकता है।

(3) वर्क स्टेशन्स (Work Stations)

वर्क स्टेशन्स भी डेस्क टॉप मशीन ही है। अधिकांश वर्क स्टेशन में बड़ी रंगीन डिस्प्ले यूनिट होती है। साधारणतया इनकी स्मृति (Memory) लगभग 32 से 64GB तथा डिस्क 100 से 200 GB की है । साधारणतया प्रयोग किये जाने वाले वर्क स्टेशन्स हैं-MIPS (SIG), SPARC (SUN), ALPHA (DEC), RIOS (IBM) एवं PA-RISC (HP) । एक एक्स विण्डोज (X Windows) नामक मल्टीप्ल प्रोसेस (Multiple Process) के Status को प्रदर्शित करने के लिए वर्क स्टेशन द्वारा उपलब्ध किया जाता है। अधिकांश वर्क स्टेशन लैन (LAN) के लिये हार्डवेयर के रूप में प्रयुक्त किये जाते हैं।

(4) डेस्कटॉप पीसी (Desktop PC)

सामान्यतः कार्यालयों, विद्यालयों, घरों आदि में प्रयोग किये जाने वाले कम्प्यूटर्स डेस्कटॉप पीसी (Desktop PC) होते हैं । डेस्कटॉप पीसी का निर्माण करने वाली बाजार में अनेक कम्पनियाँ हैं । इनमें से IBM तथा Macintosh प्रमुख हैं। सामान्य रूप से बोलचाल में डेस्कटॉप को ही पी सी.के रूप में जाना जाता है ।

मॉनीटर, केबिनेट, की-बोर्ड, माउस आदि का इसके मुख्य भाग होते हैं। की-बोर्ड तथा माउस की सहायता से कम्प्यूटर को कमाण्ड दी जाती है तथा डाटा प्रविष्ट किया जाता है। केबिनेट में स्थित सी.पी.यू. द्वारा कमाण्ड का अनुपालन किया जाता है और प्राप्त परिणाम को मॉनीटर स्क्रीन पर दर्शाया जाता है। बाजार में IBMPC; IBM PS/2; Apple II, IIC और Macintosh Line;Today 1000, 2000, 3000, 4000, Concpag desk 286 और 386; Pentium,Pentium PII, Pentium PIII आदि नामक मॉडल उपलब्ध हैं।

कम्प्यूटर के प्रयोग में रखी जाने वाली सावधानियां

(1) कम्प्यूटर का एक अलग से कमरा होना चाहिए।
(2) कम्प्यूटर को सूखा व धूल रहित वातावरण में रखना चाहिए।
(3) कम्प्यूटर में मेन पावर सप्लाई को बन्द करने से पहले कम्प्यूटर को शट-डाउन करें और मॉनीटर, सिस्टम यूनिट एवं प्रिंटर को स्विच ऑफ करें।
(4) कम्प्यूटर के आस-पास खाद्य-सामग्री न रखें क्योंकि की-बोर्ड पर पेय-पदार्थों के गिरने से वह स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं।
(5) की-बोर्ड के बटन को बहुत जोर से न दबाया जाये।
(6) माउस को अधिक नमी में न रखें।
(7) दीवार एवं कम्प्यूटर के बीच में दूरी रखें जिससे हवा का संचालन हो सके।

मल्टीमीडिया की शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगिता

सिनेमा,टेलीविजन एवं विज्ञापनों में जो ऐनीमेशन वीडियो, संगीत, टेक्स्ट और प्रतिबिम्ब देखते हैं, सभी मल्टीमीडिया के ही प्रयोग हैं। मल्टीमीडिया हमारे जीवन का एक अंग है । पिछले कुछ वर्षों में मल्टीमीडिया का प्रयोग शिक्षण और मनोरंजन के क्षेत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। मल्टीमीडिया की शिक्षा क्षेत्र में उपयोगिता निम्नलिखित है –

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(1) मल्टीमीडिया प्रोग्राम पढ़ने और लिखने की क्षमता को बढ़ाता है। इसके आकर्षक ग्राफिक्स एवं एनीमेशन छात्र एवं छात्राओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं जिससे बच्चे रुचि के साथ सीखते हैं।
(2) मल्टीमीडिया प्रोग्राम इण्टरेक्टिव हैं, टेक्स्ट, ग्राफिक्स, इमेज, बीडियो और आवाज किसी विषय को रोचक और आकर्षक बना सकते हैं।
(3) संकल्पनाओं एवं वैज्ञानिक तथ्यों को मल्टीमीडिया प्रोग्राम के प्रयोग से और प्रभावी तथा रोचकपूर्ण ढंग से सिखाया जा सकता है। इस प्रकार मल्टीमीडिया प्रोग्राम जटिल विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से सिखाने में प्रयोग होता है।
माइक्रोसॉफ्ट कम्प्यूटर प्रयोगशाला कम्प्यूटर लैब को कम्प्यूटर की प्रयोगशाला कहा जाता है। यह एक बड़ा कमरा होता है । कमरों के किनारों पर कम्प्यूटर रखने के लिए लम्बी मेज होती है। मेज के सामने थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कुर्सियाँ होती हैं । सामान्यतः कम्प्यूटर प्रयोगशाला में 8-10 कम्प्यूटर जुड़े रहते हैं ।

कम्प्यूटर प्रयोगशाला की विशेषताएँ

(1) कम्प्यूटर प्रयोगशाला का कमरा स्वच्छ व धूल रहित होना चाहिए।
(2) कम्प्यूटर प्रयोगशाला वातानुकूल होनी चाहिए।
(3) कम्प्यूटर व दीवार के बीच में थोड़ा स्थान होना चाहिए जिससे वायु का आवागमन आसानी से हो सके।
(4) कम्प्यूटर यूजर (Computer User) के लिये घूमने वाली कुर्सी (Revolving Chair) होनी चाहिए।

(5) कम्प्यूटर प्रयोगशाला में सूर्य का प्रकाश सीधे नहीं पड़ना चाहिए।
कक्षा-कक्ष में कम्प्यूटर का प्रयोग पारस्परिक चाक बोर्ड के अतिरिक्त आज के शिक्षक एवं छात्र कम्प्यूटर के माध्यम से शिक्षा देने व शिक्षा ग्रहण करने में अधिक रुचि और सरलता का अनुभव कर रहे हैं। कम्प्यूटर पाठ की संकल्पना और सूचना को रखने में और समझाने में विद्यार्थियों की मदद करते हैं। विद्यार्थी इस नई शिक्षण प्रविधि को एक वरदान के रूप में मान रहे हैं। विद्यार्थी अपने प्रश्नों के तत्काल उत्तर कम्प्यूटर के माध्य से प्राप्त कर लेते हैं । विभिन्न मल्टीमीडिया प्रोग्राम कम्प्यूटर पर उपलब्ध होने से स्वचालित शिक्षण पद्धति उपलब्ध हो रही है।

कक्षा-शिक्षण में कम्प्यूटर शिक्षा की उपयोगिता

कक्षा शिक्षण में कम्प्यूटर शिक्षा की उपयोगिता निम्न प्रकार से है-
(1) छात्रों को शिक्षक सदैव उपलब्ध नहीं हो पाते किन्तु कम्प्यूटर में फीड सामग्री को छात्र-छात्रायें जब चाहें तब पढ़ सकते हैं।
(2) आडियो और वीडियो स्पष्ट रूप से समझने में छात्रों की मदद करते हैं । स्मरण शक्ति को बढ़ाते हैं। अधिक शीघ्रता से विषय सामग्री को पुर्नस्मरण कराते हैं।

(3) कम्प्यूटर आधारित शिक्षा द्वारा विद्यार्थियों को जटिल विषय; जैसे-मानव श्वसन तन्त्र, कार्डियो वेस्कुलर प्रणालियों, रासायनिक बॉण्डिग और रासायनिक अभिक्रियाओं को आसानी से पढ़ाया जा सकता है।
(4) विद्यार्थियों को तत्काल पुनर्निवेशन दिया गया है जो उनकी प्रगति की निगरानी में सहायक है।
(5) विद्यार्थी कम्प्यूटर का प्रयोग करके कक्षा में ऑन लाइन परीक्षा दे सकते हैं और तत्काल उसके परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

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