M.S.EXCEL क्या है / माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल / M.S.EXCEL की समस्त जानकारी

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माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल / M.S.EXCEL क्या है /M.S.EXCEL की समस्त जानकारी

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एम. एस. एक्सेल का परिचय
(Introduction of MS Excel)

माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाला एक विस्तारित प्रोग्राम (Spreadsheet program) है जो आपको डाटा को संगठित अथवा व्यवस्थित (organize) करने, गणनाओं को पूरा करने, निर्णय लेने, डाटा का ग्राफ तैयार करने, व्यावसायिक रिपोर्ट तैयार करने, वेब पर डाटा प्रकाशित (publish) और वेबसाइट डाटा के साथ काम करने की सुविधा देता है।

एक्सेल के प्रमुख उपयोग नीचे दिये गये हैं-
(i) संयुक्त कार्यों का स्वचालन-एक्सेल की मेक्रो योग्यता द्वारा थका देने वाले कार्य एक माउस क्लिक से सम्पन्न हो जाते हैं।

(ii) अन्य डाटा में प्रवेश-विभिन्न स्रोतों के डाटा को आयात कर कार्य किया जा सकता है।

(iii) चार्ट बनाना-इसकी सहायता से विभिन्न प्रकार के चार्ट तैयार किये जा सकते हैं।

(iv) संख्यात्मक गणना-वित्तीय विश्लेषण, बजट बनाना, सर्वे परिणामों का परीक्षण और अन्य प्रकार के विश्लेषण अथवा परीक्षणों में उपयोग में लाया जाता है।

(v) सूचियों का प्रबन्धन-इसमें प्रदान किये गये पंक्ति और स्तम्भों के खाकों में सूचियों को प्रभावशाली ढंग से संचित किया जा सकता है।

(vi) डायग्राम और ग्राफिक्स बनाना-शेप्स और न्यू स्मार्ट आर्ट का प्रयोग कर व्यावसायिक दृष्टिगत डायग्राम तैयार किये जा सकते हैं।

एम.एस. एक्सेल को चालू करना (Starting MS Excel)

एक्सेल को निम्नलिचित चरणानुसार शुरू कर सकते हैं-

(i) Start बटन पर क्लिक करें।
(ii) All Programs पर क्लिक करें।
(iii) Microsoft Office पर क्लिक करें।
(iv) Microsoft Excel पर क्लिक करें।

एक्सेल विंडो का प्रदर्शन (Presentation of Excel Window)

एक्सेल की विंडो निम्न चित्र के अनुसार दिखाई देगी, जिसमें बहुत से काम के तत्व मिलेंगे जो बहुधा प्रयुक्त होंगे; जैसे-

(i) टाइटल बार-हर विंडो प्रोग्राम की टाइटल बार होती है, जिस पर प्रोग्राम का नाम तथा वर्कबुक का नाम प्रदर्शित होता है और इस पर प्रोग्राम विंडो सम्बन्धी कुछ कंट्रोल बटन भी दिये गये होते हैं।

(ii) क्विक एक्सेस टूलबार—इस पर सेव, अनडू और री-डू कमांड प्रदर्शित होती हैं। इस टूलबार को समायोजित कर अधिक इस्तेमाल होने वाले बटन भी डाले जा सकते हैं।

(iii) प्रोग्राम विंडो कंट्रोल-इस पर दिये गये प्रतीक (icons) प्रोग्राम विंडो कोमिनमाइज (minimize) री, स्टोर (Restore)/मैक्सिमाइज (maximize) तथा बंद (close) करने के लिए प्रयुक्त होते हैं।

(iv) फाइल टैब-एक्सेल के पिछले संस्करण में प्रदर्शित Microsoft Office Button को File Tab से बदल दिया गया है। वर्कबुक को कम्प्यूटर में सुरक्षित करना, प्रिंट करना, पूर्व सुरक्षित वर्कबुक खोलना, शेयर करना इत्यादि फाइल सम्बन्धी कार्य आप इस टैब में जाकर कर सकते हैं।

(v) रिबन टैब-इन टैब्स पर क्लिक करने से इनके अन्तर्गत रिबन प्रदर्शित होती हैं। इन टैब्स पर डबल क्लिक कर आप रिबन बन्द कर सकते हैं तथा क्लिक करने पर यह पुनः खुल जायेंगे।

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(vi) रिबन-एक्सेल में प्रदत्त रिबन माइक्रोसॉफ्ट फ्लुएंट यूजर इंटरफेस का भाग हैं। इसमें टैब से सम्बन्धित कमांडस् का संग्रह प्रतीकों (icons) के रूप में होता है।

(vii) नेम बॉक्स–सक्रीय सेल का पता अथवा चुने गये सेल का नाम, रेंज या ऑब्जेक्ट प्रदर्शित करता है।

(viii) स्तम्भ अक्षर-वर्कशीट के 16,384 स्तम्भों में हर एक स्तम्भ के लिए श्रेणी A से IXFD तक के अक्षर।

(ix) पंक्ति संख्या-वर्कशीट की पवितयों में हर एक पंक्ति के लिए 1 से 1,048,576 तक की संख्या।

(x) फार्मूला बार-जब भी कोई जानकारी या समीकरण एक्सेल में एण्टर करते हैं, तो वह इस पट्टी पर दिखती है।

(xi) स्क्रॉल बार-इसके द्वारा आप वर्कशीट की ऊर्ध्वाधर (Vertical) अथवा क्षैतिज (horizontal) दिशा में स्क्रॉल कर सकते हैं।

(xii) शीट टैब स्क्रॉल बटन-इसके द्वारा स्क्रॉल कर उन शीट्स पर पहुँचा जा सकता है जो शीट टैब पर प्रदर्शित नहीं हो रही हों।

(xiii) स्टेटस बार-इस पट्टी पर विभिन्न सूचनाओं के साथ कीबोर्ड की Num Lock, Caps Lock तथा Scroll Lock की का स्टेटस अर्थात् वह ऑन है अथवा ऑफ पता चलता है। यह सलैक्टिड सेल्स की विस्तृत जानकारी भी प्रदर्शित करती है। माउस द्वारा राइट क्लिक करने पर स्टेटस बार पर प्रदर्शित होने वाली जानकारी को बदल सकते हैं।

(xiv) पेज व्यू बटन–इनमें से एक बटन चुनकर वर्कशीट के दिखने वाले व्यू को बदला जा सकता है।

एक्सेल में कार्य प्रारम्भ करना (Start Working in Excel)

एक्सेल शुरू होते ही आपको उक्त विंडो अनुसार वर्कबुक प्रदर्शित होती है। जिसमें सबसे पहले आपके सामने नई वर्कशीट कार्य के लिए स्वतः (by default) ही आ जाती है।

वर्कशीट बनाना (Create the Worksheet)

एक्सेल किसी भी डाटा को पंक्ति (row) और स्तम्भ (columm) में व्यवस्थित करता है। इन्हीं पंक्तियों और स्तम्भों के व्यवस्थित रूप को वर्कशीट (worksheet) कहते हैं। किसी भी वर्कबुक में तीन वर्कशीट स्वतः शामिल होती हैं तथा आप इसमें अपनी सुविधानुसार और शीट्स जोड़ (अधिकतम 255) अथवा घटा सकते हैं। प्रत्येक शीट का नाम वर्कशीट के नीचे शीट टैब पर प्रदर्शित होता है। इस शीट्स के नाम को हम सुविधानुसार रीनेम (Rename) कर सकते हैं।

वर्कशीट में स्क्रॉलिंग करना (Scrolling in Worksheet)

प्रत्येक वर्कशीट में कुल 16,384(A से IXFD तक) स्तम्भ होते हैं, स्तम्भ के बाद AA स्तम्भ, जिससे आगे AB, AC … AZ तक तथा स्तम्भ Az के बाद BA, BC, … स्तम्भ इसी प्रकार आते रहते हैं तथा 10,48,576 पंक्तियाँ होती हैं। जिन पर आप स्क्रॉल बार (scroll bar) और स्क्रॉल एरो (Scroll arrow) की सहायता से स्क्रॉल करके पहुँच सकते हैं। एक्सेल में नीचे दी गई टेबल के अनुरूप कीबोर्ड प्रयोग द्वारा भी स्क्रॉलिंग की जा सकती है-
की क्रिया

Up arrow –  सक्रिय सैल को एक सैल ऊपर ले जाती है।

Down arrow –  सक्रिय सैल को एक सैल नीचे ले जाती है।

Right arrow or Tab –  सक्रिय सैल को एक सैल दायीं ओर ले जाती है।

Left arrow or Shift+Tab – सक्रिय सैल को एक सैल बायीं ओर ले जाती है।

Left arrow or Shift+Tab –  सक्रिय सैल को एक सैल बायीं ओर ले जाती है।

PageUp – सक्रिय सैल को एक स्क्रीन ऊपर ले जाती है।

PageDown – सक्रिय सैल को एक स्क्रीन नीचे ले जाती है।

Alt+PageUp – सक्रिय सैल को एक स्क्रीन दायीं ओर ले जाती है।

Alt+PageDown – सक्रिय सैल को एक स्क्रीन बायीं ओर ले जाती है।

Up arrow – स्क्रीन को सक्रिय सैल की स्थिति बदले बिना एक सैल ऊपर ले जाती है।

Down arrow –  स्क्रीन को सक्रिय सैल की स्थिति बदले बिना एक सैल नीचे ले जाती है।

Right arrow – स्क्रीन को सक्रिय सैल की स्थिति को बदले बिना एक सैल दायीं ओर ले जाती है।

Left arrow –  स्क्रीन को सक्रिय सैल की स्थिति को बदले बिना एक सैल बायीं ओर जाती है।

स्क्रॉल लॉक ऑन होने पर

स्क्रीन के निचले भाग में शीट टैब के दायीं ओर टैब स्पिलिट बॉक्स (Tab split box) होता है। ज्यादा से ज्यादा शीट्स, शीट टैब पर देखने के लिए इसको समायोजित कर सकते हैं।

डाटा एंटर करना (Entering the data)

वर्कशीट में नंबर व टैक्स्ट के रूप डाटा को सक्रिय सेल में एंटर किया जाता है। डाटा टाइप करने के बाद Enter दबाते ही सैल में डाटा स्थापित हो जायेगा।

(1)  जिस सैल में आप डाटा एंटर करना चाहते हैं उस पर क्लिक करें या की बोर्ड पर नेवीगेशन कुंजी (-हाह-हा) की सहायता से उस सैल को सक्रिय (active) करें।

(2) टाइप किया डाटा सक्रिय सैल के अलावा फार्मूला बार (Formula Bar) में दिखाई देता है।

(3) टाइप करने के पश्चात् दूसरे सैल पर क्लिक करते ही अथवा Enter दबाते ही सेल में डाटा स्थापित हो जायेगा।

फाइल टैब बनाना (Create File Tab)

यह टैब वर्कबुक का प्रबन्धन करने की सहायता देता है। जैसे आपको यदि वर्कबुक को सुरक्षित करना हो या प्रिंट अथवा शेयर करना हो तो इस टैब की सहायता से आप यह सभी कार्य कर सकेंगे।

फाइल टैब के अन्तर्गत वर्कबुक के प्रबन्धन के कमांड्स तथा छ: मेन्यू दिये होते हैं। इसमें दी गई कमांड्स के उपयोग निम्नलिखित हैं-

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क्र०सं०कमांडकी बोर्ड शॉर्टकट    उपयोग
1saveCtrl+S वर्कबुक को सुरक्षित करने में प्रयुक्त होती है।
2saveAs F12       यदि वर्कबुक को किसी अन्य नाम से सुरक्षित कर
इस कमान्ड को प्रयोग किया जाता है। किसी नयी
कमान्ड को सुरक्षित करने पर यही कमान्ड एक्टिवेट
होकर सामने आती है। इसके द्वारा हम अपनी
वर्कबुक को अपने इच्छित स्टोरेज मीडिया पर अपने
इच्छित फोल्डर में सुरक्षित कर सकते हैं। यदि
वर्कबुक को किसी पुराने संस्करण में अथवा PDF
तथा XPS के रूप में सुरक्षित करना चाहते हैं तो
हमें File name के नीचे दिये Save As Type में
दिये गये फार्मेट में से चुनकर सुरक्षित कर सकते हैं।
3penCirl+O यह कमान्ड पूर्व सुरक्षित वर्कबुक को खोलने का
कार्य करती है।
4closeCtrl+F4इसके द्वारा खुली हुई वर्कबुक को बिना एक्सेल बन्द
किये, बन्द किया जा सकता है।
5optionsAlt FTयह एक्सेल को कन्ट्रोल करने के लिढ ढेरों ऑप्शन्स
प्रदान करता है। यह विभिन्न भागों में बँटा होता है।
6ExitAlt FX यह कमान्ड वर्ड के सभी खुले हुए अभिलेखों के
साथ वर्ड एप्लिकेशन को बन्द कर देती है।


फाइल टैब के अन्तर्गत मेन्यू के उपयोग निम्न प्रकार से हैं-

(i) Info-इस मेन्यू में दिये गये विकल्पों की सहायता से आप अपनी वर्कबुक को पासवर्ड द्वारा सुरक्षित कर सकते हैं। यह मेन्यू फाइल की पूरी जानकारी प्रदान करता है।

(ii) Recent-इसके अन्तर्गत हाल ही में खुली फाइल्स की सूची होती है जिससे आप तुरन्त ही फाइल खोल सकते हैं।

(iii) New-न्यू के अन्तर्गत आपको नई फाइल खोलने सम्बन्धी विकल्प मिलेंगे, इसमें दिये गये टेम्पलेट की सहायता से आप विभिन्न प्रकार की वर्कबुक जैसे—बिलिंग स्टेटमेंट, एक्सपेंस रिपोर्ट, सेल रिपोर्ट, टाइम कार्ड इत्यादि बड़ी ही सरलतापूर्वक तैयार कर सकते हैं तथा इन्टरनेट से ऑनलाइन जाकर विभिन्न टेम्प्लेट्स भी उपयोग में लाकर विभिन्न प्रकार की बजट, एक्स रिपोर्ट, फार्म, इंवेन्टरी, स्टेटमेंट, टाइम शीट, मेमोज इत्यादि भी तैयार कर सकते हैं।

(iv) Print-इस मेन्यू में दिये गये विकल्पों की सहायता से अभिलेख को प्रिंट किया जा सकता है।

(v) Save & Send-यह विकल्प फाइल को शेयर करने की सुविधा प्रदान करता है इसके द्वारा अभिलेख PDF या XPS फाइल भी तैयार कर शेयर की जा सकती है।

(vi) Help-इस मेन्यू द्वारा एमएस वर्ड के उपयोग सम्बन्धी ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन साइट प्राप्त की जा सकती है तथा माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के अपडेट्स भी ऑनलाइन प्राप्त किये जा सकते हैं।

रिबन टैब्स बनाना (Ribbon Tabs)

प्रत्येक टैब कमान्ड्स के समूह को निरूपित करता है। इन टैब्स के अन्तर्गत आने वाली कमान्ड्स के प्रतीक रिबन पर मौजूद होते हैं।

होम टैब का प्रयोग (Use of Home Tab)

इस टैब के अन्तर्गत आने वाले ग्रुप्स निम्न प्रकार से हैं-

(1) क्लिपबोर्ड (Clipboard)-

यह ग्रुप क्लिपबोर्ड की मुख्य कमान्ड्स को समाहित किये होता है। इस ग्रुप के अन्तर्गत दिये गये प्रतीक होते हैं-

(i) Cut की सहायता से आप किसी सलैक्ट किये गये मैटर/ग्राफिक को हटा सकते हैं। इससे मैटर पूरी तरह न हटकर ऑफिस क्लिपबोर्ड में चला जाता है।

(ii) Copy कमान्ड द्वारा सलैक्ट किया मैटर ग्राफिक अपनी स्थिति पर ही रहता है किन्तु उसकी एक प्रतिलिपि ऑफस क्लिपबोर्ड पर बन जाती है।

(iii) Format Painter टूल की सहायता से किसी सैल पर की हुई फॉर्मेटिंग को कॉपी कर किसी अन्य सैल पर प्रयुक्त कर सकते हैं। इस बटन पर डबल क्लिक करने से इसकी फॉर्मेट पर्कशीट में विभिन्न सैलों पर भी की जा सकती है।

(iv) Paste पर क्लिक करते ही एक्टिव सैल पर ऑफिस क्लिपबोर्ड पर स्थित मैटर/ग्राफिक आ जाता है। पेस्ट के नीचे दिये तीर पर क्लिक करते ही पेस्ट के अन्य विकल्प आ जाते हैं जिनके द्वारा अन्य मैटर को फॉर्मेटेड अथवा सनफॉर्मेटेड आदि तरीकों से पेस्ट कर सकते है।

(2) फोंट (Font)-

इस ग्रुप के अन्तर्गत दिये प्रतीकों की सहायता से टैक्स्ट फॉर्मेट कर टैक्स्ट का स्वरूप बदला जा सकता है। फोन्ट्स में विण्डोज में स्थापित फोंट का संग्रह होता है यदि आपको सलैक्टेड टैक्स्ट का फोंट बदलना हो तो इसमें से फोंट चुनकर बदल सकते हैं। Font Size में सलैक्टेड टैक्स्ट का आकार पाइण्ट में लिखकर अथवा चुनकर बदला जा सकता है। ग्रो फोन्ट सहायता से फोंट का आकार एक-एक कर घटाया जा सकता है।

(i) Shrink Font की सहायता से फोंट का आकार एक-एक कर घटाया जा सकता है।
(ii) Bold Text टैक्स्ट को बोल्ड/मोटा करने के लिए।
(iii) ItalicText टैक्स्ट को इटैलिक/तिरछा करने के लिए।
(iv) Underline द्वारा सलैक्टेड टैक्स्ट को अंडरलाइन किया जाता है तथा इसके साथ लगे न प्रतीक को क्लिक करने से अंडरलाइन के रंगों के विकल्प मिलते हैं उनको चुनकर टैक्स्ट की अंडरलाइन पर प्रयुक्त कर सकते हैं।
(v) Border द्वारा सलैक्टेड सैल पर बॉर्डर बनाया जा सकता है प्रतीक के अन्तर्गत बॉर्डर सम्बन्धी बहुत से विकल्प दिये गये होते हैं जो सैल बॉर्डर तैयार करने में सहायक होते हैं।
(vi) Fill Color द्वारा सलैक्टेड सैल की बैकग्राउण्ड में रंग भरे जा सकते हैं।
(vii) Font Color द्वारा सलैक्टेड टैक्स्ट में रंग भरे जा सकते हैं।

(3) एलाइनमेंट (Allignment)-

(i) Cut की सहायता से आप किसी सलैक्ट किये मैटर/ग्राफिक को हटा सकते हैं। इससे मैटर पूरी तरह न हटकर ऑफिस क्लिपबोर्ड में चला जाता है।

(ii) Top Allign द्वारा टैक्स्ट को सैल के अन्दर ऊपर की ओर एलाइन किया जाता है।

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(iii) Center Allign द्वारा टैक्स्ट को सैल के अन्दर बीच में एलाइन किया जाता है।

(iv) Bottom Allign द्वारा टैक्ट को सैल के अन्दर नीचे की ओर एलाइन किया जाता है।

(v) Allign Text Left द्वारा टैक्स्ट को सैल के अन्दर बायीं ओर एलाइन किया जाता है।

(vi) Allign Text Center द्वारा टैक्स्ट को सैल के बीच में एलाइन किया जाता है।

(vii) Allign Text Right द्वारा टैक्स्ट को सैल के अन्दर दायीं ओर एलाइन घुमाया जा सकता है।

(viii) Orientation में दिये विकल्पों द्वारा टैक्स्ट को विभिन्न दिशाओं में को घटाया जाता है।

(ix) Decrease Indent द्वारा टैक्स्ट और सैल के बॉर्डर के बीच के मार्जिन किया जाता है।

(x) Increase Indent द्वारा टैक्स्ट और सैल के बॉर्डर के बीच के मार्जिन को बढ़ाया जाता है।

(xi) Wrap Text द्वारा चित्र के अनुसार सैल के अन्तर्गत लिखे समस्त शब्दों को सैल की चौड़ाई के अन्तर्गत लाइनों में बाँट देता है।

(xii) Merge Cells सलैक्टेड सैल्स को मिलाकर एक बड़े सैल में परिवर्तित कर देता है। इसके अन्तर्गत आने वाले Unmerge Cells विकल्प द्वारा सेल्स को वापस पूर्व स्थिति में लाया जा सकता है।

(4)नम्बर (Number)

इस ग्रुप के अन्तर्गत दिये गये विकल्पों द्वारा सैल के अन्तर्गत लिखी संख्या के प्रदर्शन को नियन्त्रित किया जाता है।

(5) स्टाइल्स सैट करना (Styles)-

इस ग्रुप की सहायता से टेबल पर नम्बर फॉर्मेट, फोंट फॉर्मेटिंग, एलाइनमेंट, बॉर्डर, पैटर्न आदि पर आधारित विभिन्न स्टाइल्स लगाकर और आकर्षक बनाया जा सकता है।

(6) सैल्स (Cells)-

इसमें प्रदत्त कमान्ड्स द्वारा वर्कशीट में स्तम्भ, पंक्ति
तथा सैल्स को इंसर्ट/डिलीट किया जा सकता है। इसमें दिये फॉर्मेट प्रतीक द्वारा पंक्ति की ऊँचाई, स्तम्भ की चौड़ाई को निर्धारित किया जा सकता है तथा इन्हें हाइड/अनहाइड किया जा सकता है। इसकी सहायता से वर्कशीट की कॉपी बनायी जा सकती है तथा उसको नाम भी दिया जा सकता है।

(7) एडीटिंग करना (Editing)-

इसमें प्रदत्त कमान्ड्स द्वारा तय की गयी सैल की रेंज का जोड़, औसत, गिनती, अधिकतम, न्यूनतम संख्या इत्यादि ज्ञात की जा सकती है तथा इनकी सहायता से सैल को पूर्णतः अथवा सैल की फॉर्मेटिंग या कन्टेंट या व्याख्या में से किसी को क्लियर किया जा सकता है। सूची को क्रमानुसार व्यवस्थित करने तथा फिल्टर द्वारा अवांछनीय सैल्स को छिपाकर भी गणना का कार्य भी इस ग्रुप के अन्तर्गत सॉर्ट एण्ड फिल्टर से किया जा सकता है। फाइंड एंड सलैक्ट द्वारा वर्कबुक के अनतर्गत किसी प्रकार की जानकारी, टैक्स्ट, फार्मेटिंग इत्यादि को ढूँढा तथा बदला जा सकता है।

इंसर्ट टैब सैट करना (Insert Tab)

वर्कशीट के अन्दर विभिन्न प्रकार की टेबल्स, चार्ट, डायग्राम इत्यादि इस टैब की सहायता से इंसर्ट किये जा सकते हैं।

इलस्ट्रेशन्स (Illustrations)

इंसर्ट टैब के अन्तर्गत आने वाले इस ग्रुप के अन्तर्गत पिक्चर बटन द्वारा किसी फाइल से पिक्चर इंसर्ट कर वर्कशीट में लगाई जा सकती है। क्लिप आर्ट बटन पर क्लिक करते ही क्लिप आर्ट पट्टिका खुल जाती है जिसमें दिये गये चित्र, रेखाचित्र, वीडियो तथा ऑडियो क्लिप को अपनी वर्कशीट में जोड़ सकते हैं । शेप्स पर क्लिक करने पर एक पुल डाउन मेन्यू खुल जाता है जिसके अन्तर्गत विभिन्न कैटेगरी के अन्दर कई प्रकार की शेप्स दी गई होती हैं जिनमें से कोई भी शेप चुनकर वर्कशीट में इंसर्ट कर सकते हैं, स्मार्ट आर्ट ग्राफिक्स द्वारा जानकारी को एक ग्राफिकल प्रजेन्टेशन जैसे फ्लोचार्ट, ऑर्गेनाइजेशनल चार्ट, वेन डायग्राम के तौर पर वर्कशीट में डाल सकते हैं। स्क्रीनशॉट स्क्रीन पर मौजूद सभी विंडोज जोकि मिनिमाइज न हों की छायाप्रति वर्कशीट में इंसर्ट कर देता है।

पेज लेआउट टैब (Page Layout Tab)

इस टैब के द्वारा जिस पेज पर वर्कशीट को प्रिंट करना हो उस पेज की थीम,पेज मार्जिन (हाशिये) पेज की स्थिति (लम्बा/आड़ा), पेज ब्रेक, पेज की बैकग्राउण्ड,मैटर की स्केलिंग, चित्रों की स्थिति समायोजित की जाती है।

डाटा टैब (Data Tab)

इस टैब की सहायता से अन्य बाहरी स्रोतों से डाटा आयात कर सम्पादित किया जाता है।

गैट एक्सटरनल डाटा (Get External Data)

इस ग्रुप द्वारा विभिन्न स्रोतों से डाटा टेबल अथवा पिवट टेबल के रूप में आयात किया जाता है।

कनैक्शन्स (Connections)

यह ग्रुप डाटा स्रोत और वर्कबुक के मध्य लिंक स्थापित करता है तथा डाटा स्रोत के अन्दर होने वाले परिवर्तन से वर्कबुक को अपडेट करता है।

रिव्यू टैब का प्रयोग (Use of Review Tab)

वर्कबुक में लिखे टैक्स्ट को संशोधित करने में यह टैब उपयोगी है इसके द्वारा शब्दों में अशुद्धियाँ छाँटकर उन्हें शुद्ध किया जा सकता है, रिसर्च पर क्लिक करने से रिसर्च कार्य पट्टिका खुल जाती है जिसके द्वारा किसी भी शब्द का अर्थ तथा उससे मिलते-जुलते शब्द डिक्शनरी अथा इनसाइक्लोपीडिया की सहायता से ढूँढे जा सकते हैं, थैजरस के प्रयोग से मिलते-जुलते अन्य शब्द ढूँढे जा सकते हैं। इसकी सहायता से अनुवाद किया जा सकता है तथा सलैक्टेड सैल टिप्पणी लिखी जा सकती है। वर्कशीट तथा वर्कबुक पासवर्ड द्वारा सुरक्षित किया जा सकता है तथा नेटवर्क पर जुड़े कुछ यूजर्स को सुरक्षित वर्कबुक के कुछ सैल की रेंज को सम्पादित करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है।

व्यू टैब का प्रयोग (Use of View Tab)

वर्कबुक सम्बन्धी भिन्न भिन्न दृश्यों का समायोजन इस टैब में निहित कमान्ड्स द्वारा किया जाता है।

(1) वर्कबुक व्यूज (Workbook Views)

इस ग्रुप में दिये विकल्पों द्वारा स्क्रीन पर ग्रिडलाइन, फॉर्मूला बार तथा रूलर (केवल पेज लेआउट व्यू में) को दर्शाना अथवा हटाया जा सकता है।

(2) शो (Show)

इस ग्रुप में दिये विकल्पों द्वारा स्क्रीन पर ग्रिडलाइन, फॉर्मूला बार तथा रूलर दर्शाया अथवा हटाया जा सकता है।

(3) जूम (Zoom)

इस ग्रुप की सहायता से वर्कबुक को वास्तविक आकार से बड़ा अथवा छोटा करके देखा जाता है।

(4) विंडो (Wiadow)

यह ग्रुप एक्सेल की अलग-अलग वर्कबुक को व्यवस्थित करता है। इसकी सहायता से कार्यक्षेत्र को चार भागों में विभक्त किया जा सकता है जिसके द्वारा वर्कशीट के अलग-अलग खण्डों को एक ही समय पर देखा जा सकता है तथा उन पर कार्य भी किया जा सकता है।

(5) मैक्रोज (Macros)

मैक्रो एक कमान्डूस की श्रेणी है जो कार्य के अन्दर बारम्बार होने वाली प्रक्रियाओं पर उपयोग की जा सकती है। इसके ग्रुप के अन्दर प्रदर्शित होने वाली कमांड्स की सहायता से मैक्रो की सूची देखी जा सकती है। जिसके द्वारा मैको को चलाया, बनाया अथवा डिलीट किया जा सकता है। इन समस्त क्रियाओं का सम्पादन ही एम.एस. एक्सेल की कार्य प्रणाली को परिभाषित करता है।

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