कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार / types of computer network in hindi

आज का युग कम्प्यूटर का युग है। आज के जीवन मे सभी को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कम्प्यूटर से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसीलिए हमारी साइट hindiamrit.com कम्प्यूटर से जुड़ी समस्त महत्वपूर्ण टॉपिक की श्रृंखला पेश करती है,जो आपके लिए अति महत्वपूर्ण साबित होगी,ऐसी हमारी आशा है। अतः आज का हमारा टॉपिक कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार / types of computer network in hindi की जानकारी प्रदान करना है।

कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार / types of computer network in hindi

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नेटवर्किंग की अवधारणा
(Concept of Networking)

कम्प्यूटर और संचार प्रौद्योगिकी का सम्मिलित रूप से प्रयोग कर किन्हीं दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों को संचार माध्यमों की सहायता से आँकड़ों, सूचनाओं, सन्देशों इत्यादि के आदान-प्रदान हेतु परस्पर सम्बद्ध करने की अवधारणा ही नेटवर्किंग की अवधारणा है। नेटवर्क में स्थित इकाइयाँ किसी न किसी रूप में आपस में एक-दूसरे से सम्बद्ध होती हैं। जब दो या दो से अधिक कम्प्यूटर आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं तो उन्हें परस्पर सम्बद्ध (Connected) कम्प्यूटर कहते हैं।

कम्प्यूटर नेटवर्क (Computer Network)

दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों को अन्य उपकरणों के साथ आपस में जोड़ना नेटवर्क कहलाता है। एक बड़ा कम्प्यूटर जिससे कि बहुत सारे अन्य ऐसे कम्प्यूटर जुड़े हों, जिन पर कार्य करने वाले अपने कम्प्यूटरों पर तो कार्य कर ही सकते हैं अपितु उस बड़े कम्प्यूटर की मदद भी ले सकते हैं । कम्प्यूटर में प्रयोग होने वाला सबसे महत्वपूर्ण तथ्य डाटा होता है ।

डाटा पर गणना करके इसे सूचना के रूप में परिवर्तित किया जाता है । कम्प्यूटर नेटवर्क के अन्तर्गत एक विशेष बड़े कम्प्यूटर के अन्दर सारा डाटा व सूचनायें भर दी जाती हैं और इसके साथ अन्य कम्प्यूटरों को जोड़ दिया जाता है। इस बड़े कम्प्यूटर को सर्वर कहते हैं । सर्वर एक विशेष कम्प्यूटर है जो नेटवर्क में केन्द्र का काम करता है । सर्वर से जुड़े कम्प्यूटर अपना और उसका डाटा शेयर कर सकते हैं साथ ही जुड़े हुए कम्प्यूटर आपस में भी डाटा शेयर कर सकते हैं।

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नेटवर्किंग के उद्देश्य

(1) विभिन्न प्रयोक्ताओं के कम्प्यूटरों को परस्पर जोड़ना।

(2) आँकड़ों का परस्पर विनिमय या आदान-प्रदान करना।

(3) एक कम्प्यूटर द्वारा दूसरे कम्प्यूटर को काम सौंपना।

(4) किसी एक कम्प्यूटर द्वारा संसाधित (Processsed) आँकड़ों से प्राप्त परिणामों को दूसरे कम्प्यूटर को भेजना।

(5) सहकारी प्रक्रियाओं हेतु दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों द्वारा सम्मिलित रूप से समस्त संसाधनों का परस्पर उपयोग करना।

(6) विभिन्न कम्प्यूटरों से जुड़े यन्त्रों, युक्तियों का परस्पर सम्बद्धता के माध्यम से पूर्ण उपयोग करना।

(7) विभिन्न कम्प्यूटरों पर स्थित सॉफ्टवेयर या प्रोग्रामों को नेटवर्क से जुड़े किसी कम्प्यूटर द्वारा प्राप्त करना व क्रियान्वयन करना।

(8) कम्प्यूटर नेटवर्क द्वारा संस्था के शाखा या विभागीय नेटवर्क को एकीकृत कर संचालित करना।

कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार (Types of Computer Network)

विस्तार के आधार पर कम्प्यूटर नेटवर्क तीन प्रकार के होते हैं-

1.स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (Local Area Network-LAN)
2.व्यापक क्षेत्र नेटवर्क (Wide Area Network-WAN)
3. मैट्रो क्षेत्र नेटवर्क (Metro Area Network-MAN)


(1) स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (Local Area Network-LAN)

इस प्रकार का नेटवर्क कम दूरी तक सीमित होता है । ऐसे नेटवर्क किसी भवन या परिसर तक सीमित होते हैं जिनमें ताँबे या फाइबर ऑप्टीकल्स केबिलों का उपयोग करके संस्था कार्यालय के भीतर ही समस्त कम्प्यूटरों को परस्पर जोड़ा जाता है ।

इस प्रकार के नेटवर्क सीमित दूरी के अन्दर ही परिचालित होते हैं। ये सम्बन्धित संस्था में सुपरिभाषित एवं व्यापक कार्य क्रियान्वित करते हैं। लैन एक निश्चित स्थानीय दूरी के अन्तर्गत एक या एक से अधिक भवनों में लगे कम्प्यूटरों को सम्बद्ध करने का कार्य करते हैं। लैन लगभग 1 किलोमीटर के क्षेत्र में परिचालित होते हैं किन्तु नेटवर्क में जुड़े किन्हीं दो कम्प्यूटरों के बीच 20 या 30 मीटर से अधिक दूरी नहीं होती। इसके अन्तर्गत लगभग 1000 तक कम्प्यूटर जोड़े जा सकते हैं।

लैन के अन्तर्गत आँकड़ों के सम्प्रेषण की गति उसके अन्तर्गत सम्बद्ध कम्प्यूटरों की क्षमता व कम्प्यूटरों को सम्बद्ध करने वाले संचार माध्यमों की गुणवत्ता के अनुसार कम या अधिक हो सकती है। लैन में कम्प्यूटरों को जोड़ने हेतु ट्विस्टेड पेअर केबिल या को-एक्सियल केबिल या फाइबर ऑप्टिक्स केबिल का प्रयोग किया जाता है।

लोकल एरिया नेटवर्क के अन्तर्गत कम्प्यूटरों को जोड़ने के लिए निम्न दो तकनीकों का प्रयोग किया जाता है-
(i) क्लाइंट सर्वर तकनीक, (ii) पीयर टु पीयर तकनीक

(i) क्लाइंट सर्वर तकनीक (Client Server Technology)

इस प्रकार की तकनीक के अन्तर्गत लैन में सभी कम्प्यूटर एक शक्तिशाली केन्द्रीय कम्प्यूटर से जुड़े होते हैं जो कि विशाल आँकड़ों के भण्डारण व अनेकों जटिल सेवाओं के क्रियान्वयन की सामर्थ्य रखता है। ये केन्द्रीय कम्प्यूटर ‘सर्वर (Server) कहलाता है जो कि मुख्य रूप से फाइल व प्रिन्ट सर्वर का कार्य भी करता है।

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नेटवर्क में जुड़े अन्य सभी कम्प्यूटर केन्द्रीय कम्प्यूटर की तुलना में कम सामर्थ्य वाले हो सकते हैं जिन्हें ‘क्लाइन्ट’ (Client) कहा जाता है।
सभी क्लाइन्ट कम्प्यूटर फाइलों, आँकड़ों व प्रिन्ट सेवाओं इत्यादि हेतु सर्वर कम्प्यूटर पर निर्भर करते हैं व कभी-कभी कुछ कार्यों के सम्बन्ध में सर्वर कम्प्यूटर अन्य सभी क्लाइन्ट कम्प्यूटरों पर नियन्त्रण भी रखता है। इसमें स्रोत की हिस्सेदारी सामान्यतः सर्वर कम्प्यूटर द्वारा ही की जाती है। क्लाइन्ट कम्प्यूटरों को वर्क स्टेशन भी कहा जाता है।

सर्वर कम्प्यूटर द्वारा क्लाइन्ट कम्प्यूटरों के मध्य परस्पर सन्देशों के आदान-प्रदान में भी सहयोग प्रदान किया जाता है। अधिकांशतः सभी क्लाइन्ट कम्प्यूटर प्रोसेसिंग व कार्यों के क्रियान्वयन का कार्य करते हैं व अन्य प्रक्रियाओं, आँकड़ों व सेवाओं हेतु सर्वर कम्प्यूटर पर निर्भर होते हैं।

(ii) पीयर टु पीयर तकनीक (Peer To Peer Technology)

इस प्रकार के नेटवर्क आवश्यक भण्डारण क्षमता से पूर्ण होते हैं। इसमें कम्प्यूटर आपस में सीधे में कोई भी केन्द्रीय सर्वर कम्प्यूटर नहीं होता है तथा सभी जुड़े कम्प्यूटर अपनी क्रियाओं व जुड़े होते हैं आवश्यकता पड़ने पर आँकड़ों, सूचनाओं व अन्य सेवाओं का स्वयं ही परस्पर आदान-प्रदान कर सकते हैं।

विशेषताएँ

(1) लोकल एरिया नेटवर्क सीमित क्षेत्र में काम करते हैं। इस नेटवर्क द्वारा शहरों के बीच के कम्प्यूटरों को नहीं जोड़ सकते।
(2) इस नेटवर्क में कम्प्यूटर व अन्य उपकरण तारों द्वारा जुड़े रहते हैं।
(3) इसे स्थापित करने में लागत कम आती है।
(4) ये प्रायः किसी संस्था या उद्देश्य विशेष से सम्बन्धित होते हैं।
(5) इस नेटवर्क में आँकड़ों की संचार गति 0-1 मेगाबाइट से 100 मेगाबाइट प्रति सेकण्ड के बीच होती है।

2. व्यापक क्षेत्र नेटवर्क (Wide Area Network-WAN)


वैन से तात्पर्य सुदूर क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न लोकल एरिया नेटवर्क प्रणालियों को परस्पर सम्बद्ध करना । इस नेटवर्क का कार्य क्षेत्र अत्यधिक विस्तृत होता है। यह नेटवर्क हजारों किलोमीटर तक फैला हो सकता है। यह नेटवर्क विशाल आकार के भूमण्डलीय क्षेत्र में फैला होता है। सामान्यतः यह पारस्परिक दूरसंचार लाइनों पर आधारित होते हैं।
वैन पर आँकड़ों के सम्प्रेषण की गति लैन की तुलना में अत्यधिक कम होती है । लैन में यदि विस्तार क्षेत्र अधिक हो तो माइक्रोवेब सम्प्रेषण प्रणाली का प्रयोग किया जा सकता है यदि विस्तार क्षेत्र अनेकों देशों तक फैला हो तो उपग्रह सम्प्रेषण प्रणाली का भी प्रयोग किया जा सकता है। वाइड एरिया नेटवर्क में एक शहर के छोटे कम्प्यूटर नेटवर्क को दूसरे शहरों या दूसरे राज्यों के शहरों या दूसरे देशों के शहरों में स्थापित छोटे या बड़े नेटवर्कों से जोड़ा जाता है।

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अतः हम कह सकते हैं कि किसी व्यापक क्षेत्र या वाइड एरिया नेटवर्क का विस्तार क्षेत्र कुछ शहरों से लेकर राज्यों या देशों तक हो सकता है।
वाइड एरिया नेटवर्क में लोकल एरिया नेटवर्क के समान महँगे को एक्सियल केबिल या फाइबर ऑप्टिक्स का प्रयोग करना अत्यधिक महंगा पड़ता है, इस कारण से सामान्यतः इसमें ट्विस्टेड पेअर अथवा टेलीफोन लाइनों का प्रयोग किया जाता है ।

वाइड एरिया नेटवर्क में पहले से स्थापित टेलीफोन लाइनों का प्रयोग अत्यधिक सस्ता पड़ता है व इन लाइनों की सुरक्षा पर भी अत्यधिक खर्चा नहीं उठाना पड़ता है किन्तु इस कारण से इसमें आँकड़ों के सम्प्रेषण की गति अत्यधिक कम हो जाती है व आँकड़ों या सन्देशों को एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक भेजने के लिए मॉडम का प्रयोग किया जाता है ताकि कम्प्यूटर के डिजिटल सिग्नलों को प्रेषक कम्प्यूटर से जुड़े मॉडम द्वारा एनालॉग सिग्नल में रूपान्तरित कर टेलीफोन तारों पर प्रेषित किया जा सके व प्राप्तकर्ता कम्प्यूटर से जुड़े मॉडम द्वारा इन एनालॉग रूपी आँकड़ों के सिग्नलों को पुनः डिजिटल सिग्नलों में रूपान्तरित कर कम्प्यूटर द्वारा प्रयोग के योग्य बनाया जा सके।

विशेषताएँ

(1) इस नेटवर्क संचार के लिए भौगोलिक क्षेत्र की कोई सीमा नहीं है। (2) इस नेटवर्क में विभिन्न कम्प्यूटरों के बीच किसी भौतिक लिंक की आवश्यकता नहीं है। (3) यह नेटवर्क सबसे बड़ा एवं कम खर्चीला है। (4) इस नेटवर्क में आँकड़ों की संचार गति लगभग 1200 से 9600 बिट प्रति सेकण्ड के बीच होती है। (5) इसके स्थापित करने में लागत अधिक आती है।

3. मेट्रो एरिया नेटवर्क (Metro Area Network-MAN)


यह भी एक प्रकार का वाइड एरिया नेटवर्क ही है किन्तु इस नेटवर्क की स्थापना सभी छोटे-बड़े शहरों को जोड़ने के लिए नहीं की गई वरन् इसके अन्तर्गत मात्र के मैट्रो शहरों जैसे-दिल्ली, मुम्बई,चेन्नई,कोलकाता इत्यादि में स्थापित कम्प्यूटर नेटवर्कों को विशिष्ट कारणों से जोड़ा गया है।



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