बाल विकास की अवस्थाएं,बालक के विकास की अवस्थाएँ

दोस्तों बाल मनोविज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण पाठों में से एक है बाल विकास की अवस्थाएं,बालक के विकास की अवस्थाएँHindiamrit आज आपको इस महत्वपूर्ण पाठ की समस्त जानकारी प्रदान करेगा।जिसके अंतर्गत हम मनोवैज्ञानिकों द्वारा वर्गीकृत बाल विकास की अवस्थाएँ पढ़ेगें।इसमे हम प्रमुख रूप से सैले के अनुसार बाल विकास की अवस्थायें,कॉलसैनिक के अनुसार बाल विकास की अवस्थाएं,अध्ययन की दृष्टि से बाल विकास की अवस्थाएँ।

Contents

बाल विकास की अवस्थाएं,बालक के विकास की अवस्थाएँ

विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,मनुष्य की कितनी अवस्था होती है?,बाल विकास से आप क्या समझते हैं?,किशोरावस्था कब से कब तक होती है?,बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,बाल विकास में बालक की अवस्थाएँ,बाल विकास का चार्ट,अवस्था कितने प्रकार की होती है,अवस्था के प्रकार,बाल विकास के चरण,विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,

बाल्यावस्था कितने वर्ष तक होती है?,2 से 6 वर्ष की अवस्था क्या कहलाती है,अवस्था कितने प्रकार की होती है?,बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,अवस्था कितने प्रकार की होती है,बाल विकास का चार्ट,संवेगात्मक विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की अवस्थाएं इन हिंदी,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,bal vikas avastha,बाल विकास की विभिन्न अवस्था,बाल विकास की अवस्था का वर्गीकरण कीजिए,

बाल्यावस्था कितने वर्ष तक होती है?,2 से 6 वर्ष की अवस्था क्या कहलाती है,अवस्था कितने प्रकार की होती है?,बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,अवस्था कितने प्रकार की होती है,बाल विकास का चार्ट,संवेगात्मक विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की अवस्थाएं इन हिंदी,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,bal vikas avastha,बाल विकास की विभिन्न अवस्था,बाल विकास की अवस्था का वर्गीकरण कीजिए,
Bal vikas ki avasthaye,balak ke vikas ki avasthaye,

विकास व्यवस्थाओं को लेकर विद्वानों में अनेक मतभेद रहे हैं कुछ विद्वानों द्वारा प्रदत्त वर्गीकरण निम्न प्रकार है।

(1) सैले के अनुसार बाल विकास की अवस्थायें

(i) शैशवकाल 【 1 से 5 वर्ष 】

(ii) बाल्यकाल 【 5 से 12 वर्ष 】

(iii) किशोरावस्था 【12 से 18 वर्ष 】

(2) कॉलसैनिक के अनुसार बाल विकास की अवस्थाएं

(i) गर्भाधान से जन्म तक 【 पूर्व जन्मकाल 】

(ii) शैशव 【 जन्म से 3 या 4 सप्ताह 】

(iii) आरंभिक शैशव 【1 या 2 माह से 15 माह तक 】

(iv) उत्तर शैशव 【 15 माह से 30 माह तक 】

(v) पूर्व बाल्यकाल 【 2.5 वर्ष से 5 वर्ष 】

(vi) मध्य बाल्यकाल 【 5 से 9 वर्ष 】

(vii) उत्तर बाल्यकाल 【 9 से 12 वर्ष 】

(viii) किशोरावस्था 【 12 से 21 वर्ष 】

(3) मनोवैज्ञानिकों के अनुसार

(i) शैशवावस्था 【 जन्म से 6 वर्ष 】

(ii) बाल्यावस्था 【 6 से 12 वर्ष 】

(iii) किशोरावस्था 【 12 से 18 वर्ष 】

(iv) प्रौढ़ावस्था 【 18 के बाद 】

(4) अध्ययन की दृष्टि से

(i) शैशवकाल 【 जन्म से 5 वर्ष 】

ये भी पढ़ें-  बुद्धि का अर्थ और परिभाषा,बुद्धि के सिद्धान्त,बुद्धि परीक्षण,बुद्धि लब्धि,

(ii) बाल्यावस्था 【 6 से 12 वर्ष 】

(iii) किशोरावस्था 【 12 से 19 वर्ष 】

बाल विकास के पक्ष या आयाम

(1) शारीरिक विकास

(2) मानसिक विकास

(3) सामाजिक विकास

(4) संवेगात्मक विकास

(5) नैतिक या चारित्रिक विकास

विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,मनुष्य की कितनी अवस्था होती है?,बाल विकास से आप क्या समझते हैं?,किशोरावस्था कब से कब तक होती है?,बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,बाल विकास में बालक की अवस्थाएँ,बाल विकास का चार्ट,अवस्था कितने प्रकार की होती है,अवस्था के प्रकार,बाल विकास के चरण,विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,बाल्यावस्था कितने वर्ष तक होती है?,2 से 6 वर्ष की अवस्था क्या कहलाती है,अवस्था कितने प्रकार की होती है?,बाल विकास की अवस्थाएं शारीरिक विकास,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,अवस्था कितने प्रकार की होती है,बाल विकास का चार्ट,संवेगात्मक विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की अवस्थाएं इन हिंदी,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,bal vikas avastha,बाल विकास की विभिन्न अवस्था,बाल विकास की अवस्था का वर्गीकरण कीजिए,
Bal vikas ki avasthaye,bal vikas ke siddhant,

बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक

इसके अंतर्गत दो कारक होते हैं-

(1) आंतरिक कारक
(i) वंशानुगत कारक
(ii) शारीरिक कारक
(iii) बुद्धि
(iv) संवेगात्मक कारक
(v) सामाजिक प्रकृति

(2) बाह्य कारक
(i) भौतिक वातावरण
(ii) सामाजिक -आर्थिक स्थिति
(iii) गर्भावस्था के दौरान माता का स्वास्थ्य एवं परिवेश

◆◆◆◆ बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक विस्तार से इस लिंक को टच करके पढ़िये।

बाल विकास के सिद्धान्त

(1) विकास की दिशा का सिद्धांत

(2) निरंतर विकास का सिद्धांत

(3) विकास क्रम का सिद्धांत

(4) विकास की गति में वैयक्तिक भिन्नता का सिद्धांत

(5) परस्पर संबंध का सिद्धांत

(6) समान प्रतिमान का सिद्धांत

(7) सामान्य से विशिष्ट प्रक्रियाओं का सिद्धांत

(8) वंशानुक्रम और वातावरण के मध्य अंतः क्रिया का सिद्धान्त

★★★★ बाल विकास के सिद्धान्त विस्तार से पढ़िये।

FAQS

1. बाल विकास की अवस्थाएँ क्या होती हैं?

बाल विकास की अवस्थाएँ बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के विभिन्न चरण होते हैं, जो समय के साथ होते हैं और बच्चों की जीवन यात्रा को आकार देते हैं।

2. बाल विकास की प्रमुख अवस्थाएँ कौन सी हैं?

बाल विकास की प्रमुख अवस्थाएँ हैं:
a.शैशवावस्था (Infancy)
b.बाल्यावस्था (Childhood)
c.किशोरावस्था (Adolescence)

3. शैशवावस्था क्या होती है?

शैशवावस्था में बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास तेज़ी से होता है। इस अवस्था में बच्चों की मूलभूत शारीरिक क्रियाएँ, जैसे सांस लेना, खिलाना और हिलना-डुलना सीखते हैं।

4. बाल्यावस्था में क्या परिवर्तन होते हैं?

बाल्यावस्था में बच्चों का शारीरिक विकास होता है, वे चलना, बोलना और मानसिक रूप से चीजों को समझने की क्षमता विकसित करते हैं। यह चरण सामाजिक और भाषा कौशल के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

5. किशोरावस्था के दौरान बच्चों में क्या बदलाव आते हैं?

किशोरावस्था में शारीरिक परिवर्तन जैसे शारीरिक वृद्धि और यौन विकास होते हैं। मानसिक विकास में स्वतंत्र सोच, पहचान, और आत्मनिर्भरता की भावना उत्पन्न होती है।

6. शैशवावस्था के दौरान बच्चा कैसे सीखता है?

शैशवावस्था में बच्चे सेंसरी और मोटर गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं। वे अपनी इंद्रियों का उपयोग करके दुनिया को समझने और सामान्य कार्यों को अपनाने की कोशिश करते हैं।

ये भी पढ़ें-  अशुद्ध वाचन या उच्चारण के कारण / अशुद्ध उच्चारण दूर करने के उपाय

7. बाल्यावस्था में बच्चों को कौन सी शैक्षिक गतिविधियाँ करनी चाहिए?

बाल्यावस्था में बच्चों के लिए साधारण खेल, किताबों की पढ़ाई, संगीत और चित्रकला जैसी गतिविधियाँ फायदेमंद होती हैं, जो उनके सामाजिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देती हैं।

8. किशोरावस्था में बच्चों की मानसिक स्थिति कैसे बदलती है?

किशोरावस्था में बच्चों की सोचने की क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, और आत्म पहचान विकसित होती है। इस दौरान वे समाज और अपनी भूमिका को लेकर सवाल करने लगते हैं।

9. बाल विकास की अवस्थाओं में कौन सी अवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है?

शैशवावस्था और बाल्यावस्था सबसे महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इन चरणों में बच्चे की बुनियादी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं का निर्माण होता है।

10. बाल विकास की अवस्थाओं के बीच क्या अंतर है?

बाल विकास की अवस्थाएँ मुख्य रूप से शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर आधारित होती हैं। शैशवावस्था में शारीरिक वृद्धि मुख्य होती है, जबकि बाल्यावस्था में मानसिक और सामाजिक विकास महत्वपूर्ण होता है। किशोरावस्था में यौन विकास और पहचान की स्थिति विकसित होती है।

11. किशोरावस्था में शारीरिक विकास की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

किशोरावस्था में शारीरिक विकास के अंतर्गत हाइट में वृद्धि, शरीर में मांसपेशियों की वृद्धि, और यौन विकास जैसे बदलाव होते हैं।

12. क्या शैशवावस्था के दौरान बच्चों में भाषा कौशल का विकास होता है?

शैशवावस्था में बच्चों का भाषा कौशल धीरे-धीरे विकसित होता है। वे ध्वनियों और शब्दों को पहचानना, और बाद में साधारण शब्दों और वाक्यों को बोलना सीखते हैं।

13. बाल्यावस्था में बच्चे क्या सीखते हैं?

बाल्यावस्था में बच्चे सामाजिक व्यवहार, मित्र बनाना, और संवाद करना सीखते हैं। इस समय वे समाज की नियमों और संस्कृतियों को समझने लगते हैं।

14. किशोरावस्था में बच्चों को कौन से मानसिक कौशल विकसित करने चाहिए?

किशोरावस्था में बच्चों को निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास, और आत्म-निर्भरता को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। वे सोचने और समझने की क्षमता में सुधार लाते हैं।

15. शैशवावस्था में शारीरिक विकास में कौन से प्रमुख बदलाव होते हैं?

शैशवावस्था में शारीरिक विकास में वजन और ऊंचाई में वृद्धि, मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों की मजबूती होती है। बच्चे अपनी मूलभूत मोटर गतिविधियाँ जैसे पलटना, रेंगना, और बैठना सीखते हैं।

16. बाल्यावस्था में बच्चों की सामाजिक स्थिति में क्या बदलाव आते हैं?

बाल्यावस्था में बच्चे परिवार और दोस्तों से सिखते हुए, नए रिश्तों और सामाजिक कौशलों को समझते हैं। वे अन्य बच्चों के साथ खेलना और काम करना सीखते हैं।

ये भी पढ़ें-  अधिगम का स्थानांतरण या अधिगम अंतरण || transfer of learning

17. किशोरावस्था में बच्चों को भावनात्मक परिवर्तन किस प्रकार महसूस होते हैं?

किशोरावस्था में भावनाओं की तीव्रता बढ़ जाती है। बच्चे अपने आत्म-सम्मान, प्रेम, दोस्ती और स्वतंत्रता को लेकर सवाल करते हैं।

18. बाल विकास की अवस्थाएँ बच्चों के सीखने के तरीके को कैसे प्रभावित करती हैं?

बाल विकास की अवस्थाएँ बच्चों के सुनने, समझने और प्रतिक्रिया देने के तरीके को प्रभावित करती हैं। हर अवस्था में बच्चों के सीखने का तरीका वृद्धि और सुधार के साथ बदलता है।

19. बाल विकास की अवस्थाओं में कोई समय सीमा होती है?

बाल विकास की अवस्थाएँ प्रत्येक बच्चे के विकास और वृद्धि की गति के आधार पर बदलती हैं, लेकिन सामान्यतः यह समय सीमा प्रारंभिक जीवन से लेकर किशोरावस्था तक होती है।

20. बाल विकास की अवस्थाओं को सही तरीके से पहचानने का क्या लाभ है?

बाल विकास की अवस्थाओं को सही तरीके से समझने से हम बच्चों की आवश्यकताओं, मानसिक और शारीरिक विकास को बेहतर तरीके से पहचान सकते हैं और उन्हें उचित मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान कर सकते हैं।

★★ Next read ★★

बालक का भाषायी विकास

किशोरावस्था का अर्थ,परिभाषा, किशोरावस्था की समस्याएं,

मनोविज्ञान का अर्थ और परिभाषा

Me father cycle- read motivational story

दोस्तों आपको यह आर्टिकलबाल विकास की अवस्थाएं,बालक के विकास की अवस्थाएँ पढ़कर पसन्द आया होगा। हमे कॉमेंट करके बताये तथा इसे शेयर जरूर करे।

Tags- बाल विकास की अवस्थाएं,बालक के विकास की अवस्थाएँ,विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,मनुष्य की कितनी अवस्था होती है?,बाल विकास से आप क्या समझते हैं?,किशोरावस्था कब से कब तक होती है?,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,बाल विकास में बालक की अवस्थाएँ,बाल विकास का चार्ट,

अवस्था कितने प्रकार की होती है,अवस्था के प्रकार,बाल विकास के चरण,विकास की प्रथम अवस्था कौन सी है?,बाल्यावस्था कितने वर्ष तक होती है?,2 से 6 वर्ष की अवस्था क्या कहलाती है,अवस्था कितने प्रकार की होती है?,हरलॉक के अनुसार विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं pdf,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,मनुष्य की कितनी अवस्थाएं होती हैं,अवस्था कितने प्रकार की होती है,बाल विकास का चार्ट,संवेगात्मक विकास की अवस्थाएं,बाल विकास की अवस्थाएं इन हिंदी,बाल विकास की कितनी अवस्थाएं होती हैं,bal vikas avastha,बाल विकास की विभिन्न अवस्था,बाल विकास की अवस्था का वर्गीकरण कीजिए,

Leave a Comment